मेजवां। फूलपुर तहसील मुख्यालय से शायर कैफी आजमी के पैतृक गांव मेजवां तक जाने वाला मार्ग जर्जर हो चुका है। विभागीय उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण वर्षों पहले बने सड़क की हालत काफी जर्जर हो गई है। मार्ग पर बने गड्ढों से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। शिकायतों के बाद भी सड़क की मरम्मत न कराने से लोगों में रोष है।
पूर्व मुख्यमंत्री स्व. रामनरेश यादव के प्रयास से वर्ष 1981-82 के दशक में सड़क बनी थी। वर्तमान समय में मरम्मत न होने से कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं। हालांकि कैफी आजमी के निधन के बाद फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी के प्रयास से सड़क का पुन: निर्माण कराया गया था। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद मरम्मत न होने से सुदनीपुर, जोमा, मेजवा कैफी मोड़ पर सड़क कर गड्ढ़े बन गए हैं। इन स्थानों पर वाहन गुजरते समय धूल उड़ती है। कई बार मरम्मत कार्य कराए जाने के बाद भी सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी है। इससे 10 से अधिक गांव बख्शपुर, जोमा, सुदनीपुर, चकनूरी, हेमईपुर, डारीडीह, डिघिया, लच्छू पूरा, दुलारपुर कटया आदि गांवों के लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत रात में हो रही है। जहां आए दिन सड़क पर बने गड्ढों में गिरकर वाहन सवार चोटिल हो रहे हैं। इस समस्या के संबंध में स्थानीय ग्रामीण नैय्यर, फिरतू, धर्मेंद्र, अकील, लईक, अंकुर आदि ने बताया कि कई बार सड़क निर्माण की मांग को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत दर्ज कराई चुकी है, बावजूद सड़क का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। इसके चलते लोगों में रोष है।
वर्जन
मार्ग पर जहां-जहां गड्ढे हैं उन्हें भरवाकर शीघ्र ही पैच कराया जाएगा। मार्ग को सही तरीके से मरम्मत कराने के लिए रिन्युवल प्लान में भेजा जाएगा।
केके राय, अवर अभियंता, पीडब्ल्यूडी
-
गद्दोपुर पुष्पनगर मार्ग भी खराब
ठेकमा। दीदारगंज के गद्दोपुर मार्ग से पुष्पनगर बाजार की दूरी सात किलोमीटर है। जिस गद्दोपुर, बृहटा, लहरवां, खदरा, हडवां, समुद्रपुर समुद्र आदि गांरों के लोगों का आना-जाना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क लगभग 20 वर्ष पहले बनी थी। वर्तमान में सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। सड़क जगह-जगह से उखड़ गई है। हल्की बारिश पर भी सड़क पर कीचड़ हो जाता है। गांव के विजय राजभर, जिलेदार राजभर, मुरारी राजभर, सुंदर राजभर, हैप्पी राजभर आदि ने विभागीय कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों को कई बार इस बारे में बताया लेकिन कोई कार्य नहीं हुआ।