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Azamgarh News: एमएसपी से अधिक बाजार में गेहूं का भाव

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आजमगढ़। किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए जनपद में क्रय केंद्र खुल चुके हैं, लेकिन अभी किसी भी क्रय केंद्र पर गेहूं की बोहनी नहीं हुई है। वहीं, समर्थन मूल्य से अधिक गेहूं का बाजार भाव है। ऐसे में अधिक बाजार भाव गेहूं खरीद को प्रभावित कर सकता है।
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शासन के निर्देश पर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए 17 मार्च से सभी 79 क्रय केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया है। क्रय केंद्र खुले 10 दिन बीत गए लेकिन अभी कहीं भी गेहूं की खरीद नहीं हुईं है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी गेहूं की फसल खेतों में है। एक या दो अप्रैल से किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर आ सकते हैं। शासन से भी अभी खरीद का लक्ष्य नहीं आया। गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है, लेकिन मंडी भाव इससे काफी अधिक है। बाजार में 2700 से लेकर 2800 प्रति क्विंटल गेहूं बिक रहा है। गेहूं की फसल तैयार नहीं है लेकिन व्यापारी किसानों के घरों तक दौड़ लगाना शुरू कर दिए हैं। उन्हें गेहूं का अच्छा मूल्य देने का लालच दे रहे हैं। ऐसे में अगर विभाग सक्रिय नहीं हुआ तो लक्ष्य के सापेक्ष खरीद हो पाना मुश्किल होगा। वहीं, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब मंडी में नए गेहूं की आवक आने लगेगी तो गेहूं का भाव नीचे आएगा। पिछले वर्ष जिले को 45 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य था लेकिन 12 हजार एमटी ही गेहूं खरीदा जा सका था।
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अभी गेहूं की फसल तैयार नहीं है। अब नया गेहूं बाजार में आएगा तो गेहूं का दाम नीचे आएगा। हम लोग गांवों में चौपाल लगा रहे हैं। किसानों को किसी के झांसे में न आकर क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अभी लक्ष्य नहीं आया है लेकिन हमारी तैयारी पूरी है।
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अंशुमाली शंकर, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
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48 घंटे के भीतर खाते में होगा भुगतान
खाद्य विभाग की तरफ से लालगंज ब्लॉक के सोफीपुर गांव में बुधवार को किसान चौपाल लगाया गया। इसमें किसानों को क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रेरित किया गया। संभागीय खाद्य नियंत्रक राजीव कुमार मिश्र ने कहा कि पंजीकरण कराने वाले किसान अपने नजदीक के क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचें। 48 घंटे के भीतर उनके खाते में पैसा जाएगा। जो किसान अभी तक पंजीकरण नहीं कराए हैं वह क्रय केंद्रों पर जाकर अपना पंजीकरण करा लें। साफ सुथरा गेहूं क्रय केंद्रों पर लाएं। उन्होंने कहा कि अगर किसी गांव में कई किसानों को अधिक गेहूं मिलेगा तो हम उसे गांव में ही जाकर खरीद कर लेंगे। संवाद
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