लालगंज। तहसील क्षेत्र के गोमती नगर खनियरा में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रामायण महासम्मेलन का रविवार को समापन हो गया। समारोह में प्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि भगवान राम साक्षात धर्म हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में आस्था के प्रति बदलते विचारों के बीच यह आयोजन वर्तमान और भावी पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का कार्य करेगा। हमारी प्राचीन संस्कृति और सभ्यता विश्व में अद्वितीय है।
दूसरी संस्कृतियां व्यक्ति को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन राम जैसे नायक को देखने, सुनने और अनुभव करने में जो आनंद है, वह कहीं और नहीं मिलता।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि राष्ट्रपति अवॉर्ड से सम्मानित कवयित्री डॉ. मंजरी पांडेय ने रामायण में कैकेई के चरित्र को त्याग का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कैकेई ने पुत्र और स्वामी के मोह को त्यागकर रघुकुल की रीति निभाने के लिए राम को 14 वर्ष के वनवास पर भेजा था।
वहीं, आईआईटी बीएचयू के पूर्व हेड अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि मनुष्य का उच्च कोटि का कर्म ही राम के पदचिह्नों का स्वरूप है। निशांत मालवीय ने शिव तांडव स्तोत्र की प्रस्तुति दी, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में नेपाल से प्रो. राधेश्याम प्रधान, अखिल भारतीय ब्राह्मण विद्वत न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्रा, बानर सेना के प्रदेश अध्यक्ष शरद कुमार सिंह, शंकर आई अस्पताल बनारस के प्रमुख सप्तागिरीश रामभटला, सीआरपीएफ कमांडेंट अमित सिंह, एसपी ग्रामीण चिराग जैन, विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत के विभाग प्रचारक केएल सिंह, सेवा भारती काशी प्रांत के मंत्री हरिनारायण सिंह बिसेन आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अपर्णा सिंह ने किया।