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Azamgarh News: पुरातन संस्कृति की झलक पेश कर रहा बदरका और दलालघाट का पंडाल

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आजमगढ़। इस बार दशहरे में लोगों को पंडालों की अलग-अलग छटा देखने को मिली। रंग बिरंगी रोशनी में पंडाल लोगों को आकर्षित करने के लिए तैयार हो रहे हैं। कहीं पूजा समिति द्वारा पंडाल को पुरातन संस्कृति के रूप में तैयार किया जा रहा है तो कहीं किसी प्रसिद्ध धार्मिक स्थल की शक्ल दी जा रही है। जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
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विजयादशमी को लेकर पूजा समितियों द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई है। कुछ जगहों पर पंडालों को सजाने के बाद मां की मूर्ति स्थापित कर भक्तों के दर्शन को खोल दिया गया है। वहीं कुछ स्थानों पर सप्तमी और अष्टमी के दिन मां की प्रतिमाओं के पट खुलेंगे। इन जगहों पर पंडालों को अंतिम रूप देने में पूजा समितियां जुटी हुई हैं। हर कोई अपने पंडाल को दूसरे से अलग बनाने के प्रयास में जुटा हुआ है। कोई पंडाल को बनाने घास फूस का इस्तेमाल कर रहा है तो कोई बांस की फट्ठी आदि के सहारे अपने पंडाल को अलग रूप देने की फिराक में जुटा हुआ है। वहीं कुछ पूजा समितियों द्वारा पंडाल को प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की शक्ल देने की कोशिश की जा रही है। ताकि वहां आने वाले श्रद्धालुओं को उक्त प्रसिद्ध स्थल की झलक मिल सके।
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मूर्ति होगी चलायमान
आजमगढ़। नगर के सब्जीमंडी चौराहे पर हाते में श्री दुर्गा पूजा सेवा समिति द्वारा मां दुर्गा के प्रतिमा की स्थापना कई वर्षों से की जाती है। हर बार इनकी मूर्ति अलग कलेवर में होती है। समिति के संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि इस बार पूरे पंडाल के साथ मूर्ति भी इलेक्ट्रानिक सिस्टम से संचालित होगी। पंडाल में एलसीडी लगेगी। एलसीडी पर चलने वाले चित्र के हिसाब से मूर्ति चलायमान होगी।
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घास फूस और जूट से तैयार हो रहा पंडाल
आजमगढ़। नगर के बदरका मुहल्ले में नव युवक रक्षा समिति द्वारा विगत कई वर्षों से प्रतिमा की स्थापना की जाती है। इस बार मूर्ति को स्थापित करने और पंडाल को बनाने के लिए समिति द्वारा बंगाल से कारीगरों को बुलाया गया है। समिति के जय प्रकाश दुबे ने बताया कि कोलकाता से आए कलाकारों द्वारा मां के पंडाल को पुरातन में ऋषियों के आश्रम सरीखे तैयार किया जा रहा है। घास फूस और जूट के जरिए मंडाल को आकर्षक रूप दिया जा रहा है।
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हर दिन होता है माता का अलग शृंगार
आजमगढ़। नगर के मातबरगंज में शिवा स्पोर्टिंग क्लब द्वारा कई वर्षों से माता की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इस बार मां की प्रतिमा को झारखंड के एक प्रसिद्ध देवी मंदिर की शक्ल दी गई है। यहां पर माता झूले पर पधारी हैं। नवरात्र के प्रथम दिन से माता अलग-अलग रूपों में अपने श्रद्धालुओं को दर्शन दे रही हैं।
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वृंदावन के प्रेम मंदिर की याद दिलाएगा सिधारी का पंडाल
आजमगढ़। सिधारी रामलीला मैदान में समिति की ओर से स्थापित की जाने वाली मां दुर्गा के पंडाल को आकर्षक बनाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी जा रही है। इस बार समिति द्वारा मां के पूजा पंडाल को वृंदावन धाम स्थित प्रेम मंदिर की शक्ल दी जा रही है। जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को प्रेम मंदिर का अहसास होगा।
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