जिले में सातवें चरण के मतदान के दौरान सोमवार को शहर से गांव तक की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर वाहनों की संख्या भी कम देखने को मिली। शहर के सभी प्रमुख बाजार पूर्ण रूप से बंद रहे। कुछ जरूरतमंद लोग परेशान भी दिखे। वहीं शहर से सटे ग्रामीण चौराहे भी बंद दिखे, जबकी कहीं कहीं गांवों के बाजार खुले रहे। जो दुकानें खुली थीं, वहां ग्राहक नहीं नजर आए। दुकानदार चुनावी मुद्दों को लेकर अपने अपने दावेदारों को जीता रहे थे। इसे लेकर वह आपस में बातचीत करते नजर आ रहे थे।
मतदान के दौरान शहर के सिविल लाइन, घंटा घर चौराहा, नरौली तिराहा, गिरजा घर, बड़ादेव, कलेक्ट्रेट चौराहा, रैदोपुर मंदिर, वाराणसी रोड समेत बस स्टेशन परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। सभी छोटे-बड़े चौराहों पर पुलिस कर्मी तैनात नजर आए। कई जगहों पर तो दवा की दुकानें भी बंद रहीं। इसके चलते मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा शहर से सटे भदुली, आरटीओ रोड, भंवरनाथ मंदिर चौराहा, बेलइसा सब्जी मंडी चौराहा आदि भी बंद नजर आए। जहां दुकानें खुलीं थीं, वहां भी ग्राहक देखने को नहीं मिले। अधिकतर सड़कों पर सन्नाटा ही पसरा नजर आ रहा था। दुकानदार आपस में बैठकर चुनावी मुद्दों पर गपशप कर रहे थे। चाय, पान व किराने की दुकानों पर लोग अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत का दावा कर रहे थे। मतदान के चलते दिन भर सड़कों पर चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों व सुरक्षाकर्मियों के वाहन अपने-अपने क्षेत्रों में दौड़ते रहे।