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Azamgarh News: ठंड में बढ़ी शुगर, बीपी और सांस के मरीजों की संख्या, हर दिन आ रहे 35 से 40 मामले

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बलरामपुर। कड़ाके की ठंड में मंडलीय जिला अस्पताल में शुगर, बीपी और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ओपीडी में हर दिन 130 मामलों में से 35 से 40 मरीज शुगर, बीपी और सांस के हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि ठंड में लोगों को गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए। ताकि शरीर का तापमान संतुलित रहे।
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मंडलीय जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरके कुशवाहा ने बताया कि कड़ाके की ठंड ने लोगों की सेहत पर असर दिखाना शुरू कर दिया है। सांस लेने में तकलीफ और हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) की शिकायत ज्यादा आ रही हैं। डॉ. कुशवाहा ने बताया कि ठंड से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसी तरह शुगर के मरीजों में ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित हो जाता है, जबकि सांस के मरीजों को खांसी, जुकाम और अस्थमा जैसी समस्याएं ज्यादा परेशान करती हैं। ठंडी हवा और कोहरे से प्रदूषण भी बढ़ जाता है, जो फेफड़ों को प्रभावित करता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ. कुशवाहा ने मरीजों को सलाह दी कि ठंड में गर्म और पूरे कपड़े पहनें, शरीर को ढककर रखें और गुनगुना पानी पीते रहें। इससे शरीर का तापमान संतुलित रहता है और संक्रमण का खतरा कम होता है।
अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सुबह-सुबह ठंडी हवा में बाहर न निकलें, दवाइयां समय पर लें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। ठंड बढ़ने के साथ मरीजों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका है।
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स्वास्थ्य सलाह
- पूरे शरीर को ढंकने वाले गर्म कपड़े पहनें।
- ठंडा पानी न पिएं
- सुबह की सैर धूप निकलने के बाद ही करें।
- शुगर और बीपी की नियमित जांच कराते रहें।
- संतुलित आहार लें और व्यायाम घर के अंदर करें।
- ठंड से बचाव ही इन बीमारियों से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है।
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