एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि भानु प्रताप के खिलाफ आजमगढ़ समेत कई जनपदों में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में कई प्राथमिकी दर्ज थे। भानु प्रताप की मौत के साथ ही मुबारकपुर के चर्चित दूधिया हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस रिकॉर्ड से बाहर हो गया, हालांकि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
पतिराज के बेटे शुभम ने कहा, अब न्याय मिलने की उम्मीद
आरोपी भानू प्रताप सिंह के मारे जाने के बाद पतिराज यादव के बेटे शुभम यादव ने कहा कि परिवार पिछले कई महीने से न्याय की लड़ाई लड़ रहा था। पिता को गोली मारने वाले शूटर के खिलाफ कार्रवाई होने से उम्मीद जगी है कि अब अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। शुभम ने कहा कि पिता की हत्या के बाद परिवार को मानसिक आघात झेलना पड़ा। अब विश्वास है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से परिवार को इंसाफ मिलेगा।
आजमगढ़ के सात थानों में भानु प्रताप पर 11 प्राथमिकी दर्ज थी
अपराधी भानू प्रताप सिंह के खिलाफ आजमगढ़ जिले में 11 प्राथमिकी दर्ज थे। जिले के सात अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों में हत्या, लूट, अपहरण, हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी, जालसाजी, अवैध शस्त्र रखने और बिजली चोरी जैसे आरोप शामिल हैं। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भानू प्रताप सिंह के खिलाफ सबसे चर्चित मुकदमा मुबारकपुर थाने में वर्ष 2025 में दूधिया पतिराज यादव हत्याकांड का था। इस मामले में उसके खिलाफ हत्या, आपराधिक धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार इसी मामले में वह लंबे समय से फरार था। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।