सातवीं मोहर्रम पर निकाले गए मातमी जुलूस में शामिल लोग। संवाद
मेजवां। करबला के शहीदों के सम्मान में मोहर्रम की सातवीं तारीख को फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में मातमी जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। अजादारों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी की। जुलूस में शामिल होकर लोगों ने इमाम हुसैन और शहीदों को पोरसा दिया। छोटे बच्चों ने भी शहीदों की याद में मातम किया। जुलूस का समापन करबला में किया गया।
मशहूर शायर कैफी आजमी के पैतृक गांव मेजवा में मरहूम सैयद अली सफदर के चौक से सातवीं का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। इसमे दुलदुल, अलम, ताबूत की शबीह निकाली गई। अंजुमन अब्बासिया, मेजवा, अंजुमन अजादारिया फत्तेपुर, अंजुमन फारोगे अजा चमावां ने नौहा मातम किया। मौलाना मोहम्मद फैज और मौलाना वसी मोहम्मद खां ने तकरीर पेश किया। फूलपुर नगर के शिया आबादी में अंजुमन मसुमिया के तत्वावधान में सातवीं का जुलूस निकाला। जुलूस सिनेमा रोड होते हुए मुंडियार रोड होकर करबला पहुंच संपन्न हुआ। चमावा में निकाले गए सातवीं के जुलूस में सुरक्षा के तहत कोतवाल देवेंद्र प्रताप सिंह के साथ पुलिस चल रही थी। इस क्रम में दसमड़ा, कंदरी, खपड़ा गांव, बिजहर आदि स्थानों पर सातवीं का जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान ‘या अली मौला’ की सदा से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।