फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रमजान माह की हुई शुरूआत, घरों में पढ़ी गई नमाज व तरावीह

विज्ञापन
शहर के तकिया क्षेत्र में रमजान के लिए खरीदारी करते लोग। - फोटो : AZAMGARH
विज्ञापन
आजमगढ़। पाक ए रमजान माह की शुरूआत शनिवार से हो गई। रमजान के पहले दिन रोजेदारों ने सेहरी के साथ रोजे की शुरूआत किया। पांचो वक्त की नमाज जहां घरों में पढ़ी गई तो वहीं शाम में पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज तरावीह भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घरों में ही पढ़ा। रोजे की शाम में लोग एक दूसरे को बुला इफ्तार कराते थे लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते लोग अपने-अपने घरों में परिवार के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए इफ्तार किये।
विज्ञापन

मुकद्दस रमजान का पहला रोजा नौजवानों, बुजुर्गो के साथ ही बच्चों व महिलाओं ने भी रखा। भोर में सेहरी के बाद रोजे की शुरूआत हुई। कोरोना संक्रमण के चलते लॉक डाउन लगा हुआ है। जिसके चलते मस्जिदों से भोर में अजान तो हुई लेकिन नमाज रोजेदारों ने घर पर ही पढ़ा। लॉक डाऊन के कारण लोग घरों में ही रहने को मजबूर है। ऐसे में इस रमजान में लोगों इबादत के लिए भरपूर समय मिल रहा है। लोगों ने पांचो वक्त की नमाज भी घर पर ही अदा किया। शाम में होने वाली तराबीह की नमाज भी घर पर ही पढ़ी गई। सामान्य दिनों में दिन भर क्रिकेट, फूटबाल, लूडों व मोबाइल में जुटे रहने वाले बच्चे लॉक डाउन के चलते दिन भर घर पर इबादत में ही जुटे नजर आये। मगरिफ की अजान होने के बाद सभी ने पहले एक साथ खजूर से रोजा खोला फिर विभिन्न प्रकार के बने पकवानों का आनंद उठाया। इसके पश्चात घर में ही मगरिफ की नमाज अदा किया। एशा की नमाज भी घर पर ही अदा की गई। फिर तराबीह भी पढ़ी गई। अभी गर्मी से कुछ राहत है। दो दिनों से मौसम भी कुछ ठंडा हुआ है, जिसके चलते रोजेदारों को पहले रोजे के दिन कोई खास परेशानी नहीं उठानी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें