विधान परिषद के खंड स्नातक और खंड शिक्षक निर्वाचन को लेकर प्रशासन ने आचार संहिता के पालन पर शिकंजा कस दिया है। चुनाव प्रचार में सरकारी भवन, वाहन, कर्मचारी या किसी भी सरकारी संसाधन के इस्तेमाल पर कार्रवाई होगी।
स्कूल-कॉलेज और शिक्षण संस्थान भी प्रशासन की निगरानी में रहेंगे। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों को मतदान की सुरक्षा, गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मतदान से 48 घंटे पहले लागू होने वाली निषेध अवधि में प्रचार संबंधी प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराने को कहा गया। डीएम ने कहा कि मतदाताओं को धन, उपहार या किसी तरह का प्रलोभन देना, डराना-धमकाना अथवा अनुचित प्रभाव डालना भारी पड़ेगा।
जाति, धर्म, संप्रदाय और भाषा के नाम पर वोट की अपील तथा वैमनस्य फैलाने वाली गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। सभा-जुलूस के लिए अनुमति अनिवार्य होगी। सोशल मीडिया पर फर्जी, भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। संवाद