आजमगढ़। नगर के राज घाट मंदिर पर बाल गोविंद मेला और श्रीराम जानकी विवाह उत्सव में मंगलवार को तमसा नदी में नहान के बाद धूमधाम से रामजानकी का विवाह हुआ। इस दौरान मेले में लोगों ने खिलौनों के साथ जलेबी, चाट का स्वाद लिया।
कोडर अजमतपुर स्थित राजघाट शिवमंदिर में कबीर पंचमी के दिन मंगलवार को बाल गोविंदा मेले और श्रीरामजानकी विवाह पर सुबह तमसा नदी मेंं नहान शुरू हुआ। दोपहर में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जानकी विवाह हुआ। इसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। महिलाओं ने विवाह गीत गाया और पंडितों ने मत्रोच्चार के बीच विवाह की रस्म पूरी की। बाल गोविंद मेले में बच्चों ने बाल गोविंदा सहित अन्य खिलौनों की खरीदारी की। गुड़ से बनी चटोहिया जलेबी का सभी ने स्वाद लिया।
राम, लक्ष्मण सहित चारों भाइयों का हुआ विवाह
अहरौला। गहजी महिपालपुर स्थित श्रीश्री 1008 दुर्वासा महामंडलेश्वर ब्रह्मलीन संत मौनी बाबा के आश्रम में मंगलवार को राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का विवाह हुआ।
जनकपुर से राम विवाह की सूचना अयोध्या में महाराज दशरथ को भेजी जाती है। वहां से महाराज दशरथ, भरत, शत्रुघ्न के साथ बरातियों को लेकर जनकपुर में पहुंचते हैं। बरातियों सहित महाराज दशरथ का स्वागत महिलाओं ने किया। मुहूर्त गुरु वशिष्ठ ने निकाला। जनकपुर में राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का विवाह संपन्न हुआ। विवाह संपन्न होते ही सीताराम के जयकारे से पूरा आश्रम गूंज उठा। अंत में आश्रम के महंत श्री श्री 108 बाल संत शुभम दास ने सभी का आभार प्रकट किया। इस मौके पर हकीम बाबा, पवन चतुर्वेदी, लक्ष्मण दुबे, महेंद्र तिवारी, प्रमोद चौबे, दीपचंद यादव आदि मौजूद रहे।
धूमधाम से निकली प्रभु श्रीराम की बारात
फूलपुर। जगदीशपुर स्थित सीताराम जी महाराज की कुटी से मंगलवार को बाबा अवधेश के नेतृत्व में बाजे-गाजे के साथ प्रभु श्रीराम की भव्य बारात निकाली गई। बारात का मार्ग शंकर तिराहा, शनिचर बाज़ार, पुरानी मिर्चा मंडी और शबाना आजमी रोड से होते हुए देर शाम फूलपुर नगर स्थित गढ़वा कुटी पहुंचा, जहां धनुष-यज का आयोजन किया गया। रथ पर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण विराजमान थे, जिनके आगे श्री हनुमान दल अखाड़ा के कलाकार करतब दिखाते हुए चल रहे थे। गढ़वा कुटी पहुंचने पर संयोजक पप्पू यादव, रामदवर, नवनीत, राम आशीष गुप्ता सहित अन्य लोगों ने बारातियों का जोरदार स्वागत किया। यहां भंडारे का आयोजन किया गया। रथ के साथ रामनयन यादव, भानुप्रताप, बृजभान यादव, शनि विश्वकर्मा, अशोक पांडेय सहित इलाहाबाद व अयोध्या नगरी से आए साधु-संत भी चल रहे थे। संवाद