आजमगढ़। करोड़ों रुपये खर्च करके गांवों में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए बनाए गए अमृत सरोवर मार्च में ही सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। कई सरोवर विभागीय अनदेखी से कई सरोवर बदहाल हैं। किसी का पानी सूख गया तो कहीं केवल कीचड़ है। शासन की मंशा पर पानी फिर गया है। मार्च में ही अमृत सरोवर के अमृत सूखने की कगार पर आ गए हैं। कुछ सरोवर पूरी तरह से सूख चुके हैं।
आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष 2022 में शुरू हुआ। तय हुआ था कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर का निर्माण कराकर स्वतंत्रता दिवस पर वहीं ध्वजारोहण होगा। नतीजा यह हुआ कि अमृत सरोवर निर्माण की रफ्तार ध्वजारोहण तक ही सीमित रह गई। इसके बाद जिम्मेदारों ने सरोकार रखना बंद कर दिया। जिले में 1300 अमृत सरोवर का निर्माण किया जा रहा था। इसमें 580 अमृत सरोवर का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। वहीं 650 से अधिक अमृत सरोवर निर्माणाधीन है। बजट के अभाव में काम ने ऐसी सुस्ती पकड़ी कि अभी तक 50 प्रतिशत गांवों में भी अमृत सरोवर नहीं बन पाए हैं। अगस्त 2024 तक सभी ग्राम पंचायतों में निर्माण का लक्ष्य था। ढाई साल बीतने के बाद आज भी यह निर्माण आधा-अधूरा है। जिन सरोवरों का निर्माण कार्य पूरा बताया जा रहा है, धरातल पर उनकी हालत बहुत खराब है। ज्यादातर सरोवर सूखे हैं तो कई में गंदा पानी जमा हो रहा है। कुछ में जमा कीचड़, इनकी खूबसूरती के दावों का सच बयां कर रहा है।
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सीन-1
सीढ़ी बनकर तैयार लेकिन अन्य काम अधूरा
अहरौला। सरकार भारी भरकम बजट खर्च कर गांवों में अमृत सरोवर बनवा रही है। वर्ष 2022-23 में लाखों रुपये खर्च कर अहरौला के खालिसपुर गांव में अमृत सरोवर बनाया गया था। जिम्मेदारों की लापरवाही से आज तक सरोवर में पानी ही नहीं भरा गया। सरोवर आज तक बिना पानी के ही हैं। इसके कारण अमृत सरोवर जंगल-झाड़ी में बदल गए हैं । इसे देख कोई नहीं कह सकता कि यह अमृत सरोवर है।
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सीन-2
लाखों के खर्च के बाद भी अमृत सरोवर अधूरे
रानी की सराय। रानी की सराय ब्लॉक के रघुनाथपुर गांव में लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी अमृत सरोवर पूरा नहीं हो सका। इसके चारों तरफ मिट्टी पटाई कर इंटरलॉकिंग कराई जानी थी लेकिन वो भी नहीं हो सका। सिर्फ अमृत सरोवर के नाम पर पैसे को मिट्टी में मिलाया जा रहा है। इस तरफ जिम्मेदार तनिक भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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सीन-3
अमृत सरोवर में पानी नहीं
बूढ़नपुर। एकडंगी विहार में अमृत सरोवर बदहाल पड़ा है। जबकि निर्माण पर लाखाें रुपये खर्च किए गए इसके बाद भी इसका पानी सूखा गया है। जबकि शासन का निर्देश है कि इसमे पानी भरा जाए। ताकि यह सूखने न पाए। बावजूद जिम्मेदार इस तरफ तनिक भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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जहां-जहां अमृत सरोवर बदहाल हैं। उन सभी को चेक करवाने के लिए बीडीओ को निर्देश दिए जाएंगे। इसके लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। ताकि बदहाल पड़े अमृत सरोवर को सही कराया जा सके। उसमें जल संचयन की व्यवस्था कराई जाएगी ताकि गर्मी में पशु और पक्षियोंं की प्यास बुझ सके।
- परीक्षित खटाना, सीडीओ, आजमगढ़।