ईद मिलादुन्नबी पर जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर नगर की जामा मस्जिद में मौलाना मोहम्मद अब्दुल बारी नईमी आजमी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें विभिन्न अंजुमनों के साथ अबाबील फाउंडेशन के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए।
बैठक में जुलूस को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और अनुशासित ढंग से निकालने को लेकर कई निर्णय लिए गए। जिया ताब ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 रबीउल अव्वल 1448 हिजरी के मुताबिक 26 की रात नौ बजे जुलूस निकाला जाएगा।
जुलूस में आतिशबाजी और डीजे का प्रयोग नहीं किया जाएगा। नाचने, बदतमीजी, मारपीट, आपत्तिजनक नारेबाजी या शराब का सेवन कर जुलूस में शामिल होने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जुलूस शरीयत और कानून के दायरे में निकाला जाएगा।
उन्होंने लोगों से कुर्ता-पायजामा, टोपी या साफा पहनकर शामिल होने की अपील की। बताया कि जुलूस जामा मस्जिद से निकलकर दुर्गा मंदिर, सब्जी मंडी, बब्बर चौक, सदर बाजार, बुधनिया, गोला बाजार, बरनवाल चौक, मोमिनपुरा दक्षिणी, पूरब पोखरा होते हुए अब्दुल कलाम नगर कसाई टोला स्थित मस्जिद के पास पहुंचकर संपन्न होगा।
मौलाना मोहम्मद अब्दुल बारी नईमी आजमी ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद का संदेश अमन, मोहब्बत, भाईचारा और इंसानियत का था। जुलूस का उद्देश्य इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
उन्होंने सभी से अनुशासन बनाए रखने और ऐसा कोई कार्य न करने की अपील की। बैठक में यह भी तय किया गया कि जुलूस से संबंधित कोई भी कार्यक्रम जिम्मेदारों की अनुमति और सलाह के बाद ही किया जाएगा।