विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर विधान परिषद सत्र में शिब्ली नेशनल कालेज आजमगढ़ का मुद्दा उठाते।
- फोटो : विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर विधान परिषद सत्र में शिब्ली नेशनल कालेज आजमगढ़ का मुद्दा उठाते।
आजमगढ़। विधान मंडल के मानसून सत्र में नियम 15 के तहत विधान परिषद में शिब्ली नेशनल पीजी काॅलेज में भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का मामला एक बार फिर गरमाया। एमएलसी रामसूरत राजभर ने यह मामला उठाते हुए दोषी सिद्ध हो चुके प्राचार्य के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए पदच्युत कर करने की आवाज उठाई।
कहा कि अल्पसंख्यक संस्था में बीते 15 अगस्त 2024 को स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्राचार्य अफसर अली द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का जानबूझकर अपमान करने का काम किया गया। किसी देश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान, उस राष्ट्र का अपमान होता है। जांच में प्राचार्य के ऊपर लगे सभी आरोपों के दोष सिद्ध होने पर भी डीएम और एसपी कोई एफआईआर नहीं कराए।
यही नहीं प्राचार्य ने एससीएसटी के छात्रों की जमा फीस के खाते से शासनादेश के विरुद्ध जाकर 44 लाख रुपये को फर्जी ढंग से आहरित किया। 52 सहायक प्रोफेसर नियुक्ति में भी प्राचार्य और मैनेजमेंट द्वारा भारी पैमाने पर शासनादेश के विरुद्ध जाकर बिना लिखित परीक्षा के ही केवल इंटरव्यू पर अपने सगे रिश्तेदारों और पहले से तय अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर भ्रष्टाचार किया गया।