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Azamgarh News: जांच टीम ने राजकीय मेडिकल कॉलेज का जाना हाल

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चक्रपानपुर। हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रदेश के 35 मेडिकल कॉलेजों में 28 बिंदुओं पर जांच के क्रम में शनिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर में सघन जांच की गई। यह जांच डॉ. अरविंद गुप्ता बनाम उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग मामले में दायर याचिका के तहत प्रमुख सचिव शिक्षा और चिकित्सा को दिए गए आदेश के अनुपालन में की गई।
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जांच दल में स्वशासीय मेडिकल कॉलेज अमेठी की प्राचार्य डॉ. रीना शर्मा और गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी के सह आचार्य डॉ. अमरेश कुमार शामिल थे। जांच टीम ने अस्पताल की सफाई, शिक्षण, इमर्जेंसी सेवाएं, दवाओं की उपलब्धता, छात्रावास सुविधाएं, ऑक्सीजन की आपूर्ति, एंबुलेंस सेवाएं और बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण के बारे में जानकारी ली। जांच में पाया गया कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) सुविधा को जल्द शुरू करने की आवश्यकता है। डॉ. रीना शर्मा ने बताया कि चक्रपानपुर मेडिकल कॉलेज की स्थिति अन्य मेडिकल कॉलेजों की तुलना में बेहतर है, लेकिन साफ-सफाई और इमर्जेंसी सेवाओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बायोमेडिकल वेस्ट के समुचित निस्तारण और एलएमओ सुविधा को जल्द क्रियाशील करने पर जोर दिया। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके राव ने बताया कि शासन के निर्देश पर गठित जांच दल ने 28 बिंदुओं पर जांच की। हमारी कोशिश है कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलें, कॉलेज का स्तर और ऊंचा हो। एलएमओ सुविधा जल्द शुरू होगी। इसके लिए लिए पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन ( पीईएसओ) में लाइसेंस फीस जमा कर दी गई है। एमजीपीसी पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है, जो शीघ्र ही मरीजों को सुविधा प्रदान करेगा। इस मौके पर सह प्राचार्य मनीषा उपाध्याय, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपक पांडेय, डॉ. अमित पटेल मौजूद रहे।
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