आजमगढ़। धोखाधड़ी की पर्याय समझी जाने वाली धारा 0420 नंबर कोई भी अपने वाहन के लिए नहीं लेना चाहता है। परिवहन विभाग इसको किसानों के मत्थे मढ़ देता था। किसी भी सीरीज का 0420 नंबर ट्रैक्टर मालिकों को दे दिया जाता था। शुक्रवार से नंबर आनलाइन नंबर जारी होने लगे हैं। ऐसे में कोई किसी नंबर को लेेने से मना नहीं कर पाएगा।
आईपीसी की धारा 420 का रिश्ता धोखाधड़ी से है। इस तरह के काम करने वालों को लोग 420 ही कहते हैं। लिहाजा कोई अपने वाहन पर ऐसा नंबर नहीं लेना चाहता है। परिवहन विभाग किसी भी सिरीज के ऐसे नंबर ट्रैक्टर, मोपेड आदि को एलाट कर देता था। आजमगढ़ में पांच से अधिक ऐसे नंबर कृषि कार्य के के लिए प्रयोग होने वाले ट्रैक्टर को जारी किए गए हैं। वाहनों के नंबर अब सीधे एजेंसियों से ही जारी होंगे। ऐसे में जिसके हिस्से में जो नंबर आएगा उसे लेना होगा। हां वीआईपी नंबरों के लिए शुल्क निर्धारित हैं। 420 के अलावा 302 या 376 नंबर भी कोई लेना नहीं चाहता था। एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र यादव ने बताया कि यूपी 50 सीडी सिरीज चल रही है। इस सिरीज का 0420 नंबर ट्रैक्टर को ही मिला है।
आधार कार्ड से लिंक होगा नंबर
एआरटीओ में व्यवस्था पूरी तरह बदलने जा रही है। अब डीलर प्वाइंट से ही गाड़ियों को रजिस्ट्रेशन नंबर एलाट होगा। लखनऊ या गाजियाबाद जैसे शहरों से गाड़ी खरीदने पर भी यदि आजमगढ़ का पता है तो यहां का पंजीकरण हो जाएगा। एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र यादव ने बताया कि शुक्रवार से नई व्यवस्था शुरू हो रही है। इसीलिए दो दिनों के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन ठप था। अब गाड़ी का नंबर वाहन स्वामी के आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। बिना आधार कार्ड के गाड़ी की खरीद संभव नहीं होगी।