कप्तानगंज-अहरौला जर्जर मार्ग के गड्ढा मुक्ति की मांग को लेकर पांचवीं बार मंगलवार से भूख हड़ताल पर समाज सेवी लक्ष्मी चौबे बैठे थे। भूख हड़ताल के 32 घंटे बाद तहसीलदार बूढ़नपुर और पीडब्ल्यूडी के जेई मौके पर पहुंचे और समर्थकों संग भूख हड़ताल पर बैठे समाजसेवी लक्ष्मी चौबे को आश्वासन देकर भूख हड़ताल को समाप्त कराया।
समर्थकों के साथ भूख हड़ताल पर मंगलवार से बैठे समाजसेवी लक्ष्मी चौबे की दूसरे दिन बुधवार को लगभग 26 घंटे बाद हालत बिगड़ने लगी थी। शाम चार बजे सीएचसी के डॉक्टरों ने पहुंचकर उनके स्वास्थ्य का परीक्षण किया। लेकिन जैसे ही तबीयत बिगड़ने की सूचना पहुंची तो भारी दबाव के चलते तहसील प्रशासन सहित पीडब्ल्यूडी विभाग के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में लगभग शाम 5:30 बजे बुधवार को तहसीलदार बूढ़नपुर शक्ति सिंह व नायब तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह सहित पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई शैलेश कुमार मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिया कि शुक्रवार से अहरौला-कप्तानगंज मार्ग को गड्ढा मुक्त करने के लिए काम शुरू किया जाएगा। समाजसेवी लक्ष्मी चौबे का कहना है कि आश्वासन पर भूख हड़ताल तो खत्म हुआ लेकिन दिन में क्रमिक अनशन गड्ढा मुक्ति होने तक चलता रहेगा। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता संजीव कुमार कहना है कि शुक्रवार से अहरौला-कप्तानगंज मार्ग को गड्ढ़ा मुक्त कराने की दिशा में कार्य शुरू कराया जाएगा।