आजमगढ़। सूर्य उपासना के महापर्व छठ शनिवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो गया। रविवार को खरना है। तमसा घाटों, तालाबों व अन्य नदियों के किनारे वेदियां बनाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। बाजारों में दुकानें सज गई हैं। सूर्य उपासना का पर्व काफी कठिन व पवित्रता का पर्व माना जाता है। इस व्रत में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाता है। प्रशासन भी इस महापर्व को सकुशल संपन्न कराने की तैयारियों में जुटा है।
छठ महापर्व के लिए शहर के कदम घाट, गौरी शंकर घाट, सिधारी घाट, गायत्री घाट, गोदाम घाट समेत अन्य घाटों पर लोगोंने वेदियां बना ली हैं। पूजा समितियां भी घाटों की सफाई कराकर वहां प्रकाश की व्यवस्था करने में जुटी हैं। घाटों पर किसी प्रकार की कमी न रह जाए इसे लेकर प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद है।
प्रशासनिक अधिकारी घाटों का निरीक्षण कर रहे हैं और कमियों की ओर से इशारा कर मातहतों को उसे दुरुस्त करने का निर्देश दे रहे हैं। तीन छठ महापर्व को लेकर शहर में सजी दुकानों पर शनिवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूजा में लगने वाले फलों की डिमांड को देखते हुए फल विक्रेता भी फलों से अपनी दुकान सजाकर बैठे थे। महापर्व पर आम दिनों की तुलना में हर फल 10 से 20 रुपये महंगा बिक रहा है।
15 दिन पहले और अब फलों के दाम
फल पहले अब
केला 30 रुपये प्रति दर्जन 40 रुपये प्रति दर्जन
चकोतरा 40 रुपये पीस 50 प्रति पीस
संतरा 40 प्रति किलो 50 रुपये किलो
आम 100 रुपये पीस
शरीफा 100 रुपये किलो 120 रुपये किलो
ड्रैगन फूड 70 रुपये पीस 80 रुपये पीस
रामफल 180 रुपये किलो 200 रुपये किलो
माल्टा 110 प्रति किलो 120 रुपये किलो
सेब 100 रुपये किलो 140 रुपये किलो
कच्चा नारियल 25 रुपये पीस 40 रुपये पीस
नाशपाती 110 रुपये किलो 120 प्रति किलो
अनार 140 रुपये किलो 160 प्रति किलो
अर्ध्य देने का शुभ मुहूर्त : ज्योतिषाचार्य पंडित नीतेश मिश्रा ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि सोमवार 27 अक्तूबर की सुबह 6.05 बजे शुरू होगी और इसका समापन मंगलवार 28 अक्तूबर की सुबह 08.00 बजे होगा। ऐसे में 27 अक्तूबर के दिन ही संध्याकाल का अर्घ्य दिया जाएगा जबकि सुबह का अर्घ्य अगले दिन 28 अक्तूबर को दिया जाएगा। डूबते सूर्य को शाम का अर्ध्य शाम 5.10 से 5.58 बजे तक देना बेहद शुभ होगा। छठ व्रती मंगलवार 28 अक्तूबर को उदयमान सूर्य को सुबह अर्घ्य अर्पण करेंगे। सुबह के अर्घ्य के लिए सुबह 5.33 से 6.30 बजे तक शुभ मुहूर्त बताया गया है।
बाजारों में दउरा और सूप की खरीदारी तेज
शनिवार को जहां लोगों ने नहाय खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत की। वहीं बाजारों में दउरा और सूप के साथ ही पूजा में प्रयुक्त होने वाले सामानों की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गोविंद साहब से आने वाले लाल गन्ने की दुकानें भी जगह-जगह सजी रहीं। यहां से लोग गन्ने और फलों की दुकानों से फलों की खरीदारी किए।
885 घाटों में 50 जगह होगी मूर्ति की स्थापना
एडीएम प्रशासन राहुल विश्वकर्मा की मानें तो जनपद में छठ का महापर्व जिले में 885 घाटों पर मनाया जाएगा। इस दौरान 50 जगहों पर श्रद्धालुओं की ओर से मूर्ति की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में विगत पांच सालों में छठ पूजा के दौरान लोगों की डूबने से जान गई है। जिसे देखते हुए नदियों में गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।