फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनाव के पहले पड़ी विवाद की बुनियाद

Sat, 22 Oct 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सपा में प्रदेश स्तर पर उजागर हुआ पारिवारिक विवाद अभी थम भी नहीं पाया था कि पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र में वनमंत्री दुर्गा प्रसाद यादव के पुत्र विजय यादव और भतीजे प्रमोद यादव के बीच ठन गई है। शुक्रवार की रात उकरौड़ा गांव में दोनों के समर्थकों के बीच हुई मारपीट और फायरिंग से विधानसभा चुनाव के पहले ही विवाद की बुनियाद पड़ गई।
विज्ञापन


लोग  कहने लगे हैं कि चुनाव के पहले यह हाल है तो चुनाव के समय क्या होगा। हालांकि मंत्री के भतीजे पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रमोद यादव का आरोप  है कि राजनीतिक रंजिश के चलते मंत्री के पुत्र और उनके समर्थकों ने फायरिंग की थी। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर एक पक्षीय कार्रवाई का भी आरोप लगाया है।

उकरौड़ा में दोनों पक्षों में हुई मारपीट और फायरिंग की घटना के बाद कोतवाली पहुंचे प्रमोद यादव के समर्थकों ने आरोप लगाया था कि मंत्री के खिलाफ प्रमोद विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगे हैं। इसी को लेकर घटना को अंजाम दिया गया है। बताते चलें कि जनपद में चाचा-भतीजे के बीच विवाद की नींव उसी दिन पड़ गई थी, जब जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का सपना संजोए पूर्व प्रमुख प्रमोद यादव ने हाफिजपुर जिला पंचायत सीट से महाप्रधान का चुनाव लड़ा।
विज्ञापन


इसमें प्रमोद यादव ने रिकार्ड मतों से जीत दर्ज की लेकिन जब जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी चुनने का समय आया तो पहले पार्टी ने प्रमोद यादव को प्रत्याशी बनाया। बाद में इनके स्थान पर मीरा यादव (जिला पंचायत अध्यक्ष) को उम्मीदवार घोषित कर दिया। इसके लिए प्रमोद यादव ने अपने चाचा वनमंत्री दुर्गा प्रसाद यादव को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद से वनमंत्री और उनके भतीजे प्रमोद यादव की राहें जुदा हो गई। 

शुक्रवार को उकरौड़ा में हुई घटना इसी का परिणाम माना जा रहा है। विवाद ने विधानसभा चुुनाव के दौरान होने वाले घमासान को भी उजागर कर दिया है। हालांकि प्रमोद यादव को अभी तक किसी पार्टी से टिकट नहीं मिला है लेकिन सूत्रों की मानें तो वह इस विधानसभा चुनाव में सदर सीट से अपने चाचा के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।

अगर ऐसा होता है तो सदर विधानसभा सीट की जंग सबसे ज्यादा रोचक होगी। क्योंकि अन्य पार्टियों से कई सवर्ण प्रत्याशियों के आने की संभावना से लोग जहां वनमंत्री दुर्गा प्रसाद यादव की जीत प्रबल मान रहे हैं, वहीं लोग उनके भतीजे प्रमोद यादव के चुनाव मैदान में आने पर लड़ाई कठिन होने की आशंका जता रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें