लेदौरा में शुक्रवार को जमीन पर बैठे बच्चे
कांवेंट विद्यालयों की तर्ज पर शुक्रवार से जनपद के समस्त परिषदीय और जूनियर विद्यालयों में नए सत्र का शुभारंभ हुआ। सूत्रों की मानें तो नए सत्र के पहले दिन परिषदीय विद्यालों में एक भी नया एडमिशन नहीं हुआ। पहले दिन विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति काफी कम दिखी।
अहरौला संवाददाता के अनुसार विकास खंड क्षेत्र में 116 प्राथमिक और 44 जूनियर विद्यालय हैं। शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय लेदौरा में पंजीकृत 116 बच्चों में 50 ही उपस्थित मिले। बच्चों को चटाई और टाट पट्टी पर बैठाया गया था और खाने के लिए मीनू के अनुसार तहरी बनी थी। जूनियर विद्यालय लेदौरा में मात्र 15 छात्र उपस्थित मिले। प्रधानाचार्य ब्रजबिहारी यादव ने बताया कि अभी तक न तो अंकपत्र मिला है और ना ही किताब।
जूनियर हाई स्कूल चौबेपट्टी में नए सत्र के पहले दिन 20 छात्र उपस्थित मिले। स्कूल का फर्श और टायलेट टूटा हुआ था। प्रधानाचार्य राजकुमारी ने बताया कि अभी तक बच्चों को अंकपत्र नहीं मिला है। वहीं प्राथमिक विद्यालय युधिष्ठिर पट्टी में छात्रों की संख्या 40 थी। प्रधानाध्यापक अखिलेश सिंह द्वारा बच्चों के साथ स्कूल चलो रैली निकाली गई थी। लाटघाट संवाददाता के अनुसार सबसे खराब हालत हरैया ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बघरवा में देखने को मिली जहां 13 बच्चों पर चार शिक्षक तैनात मिले। प्राथमिक विद्यालय बरडीहा प्रथम में 119 बच्चों का नामांकन था 53 आए।
विद्यालय की प्रधानाध्यापक उमावती देवी ने बताया कि कोटेदार द्वारा गल्ला न देने के कारण आज एमडीएम नहीं बना। प्राथमिक विद्यालय पोखरा में मीनू में तहरी और सब्जी चावल बना था। प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश ने बताया कि अभी तक कोई नया नामांकन नहीं हुआ। प्राथमिक विद्यालय एकवनडाढ़ साढ़े बारह बजे ही बंद मिला। प्रधानाध्यापक प्रेमलता ने बताया कि बच्चे कम आए थे चले गए। कोई भी नया नामांकन नहीं हुआ है।
मुबारकपुर संवाददाता के अनुसार सठियांव विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय चकसिक्ठी इस्लाम पुरा में पंजीकृत 162 छात्र छात्राओं में से सत्र के पहले दिन मात्र 35 विद्यार्थी ही विद्यालय पहुंचे। विद्यालय में चार शिक्षक और एक शिक्षामित्र और तीन रसोइयों की तैनाती है। विद्यालय गेट पर बना पिलर ट्रैक्टर और ट्राली के धक्के से जर्जर हो चुका है। जिससे हमेशा बच्चों के चुटहिल होने का भय सताता रहता है। प्रधानाध्यापक शब्बीर अहमद ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी को इससे अवगत कराया गया है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। विद्यालय परिसर में लगा इंडिया मार्का-टू हैंडपंप दूषित जल दे रहा है। परिसर में बनी नाली बजबजा रही है।
पुराने छात्रों का आगे की कक्षाओं में एडमिशन कर लिया गया है। इस वर्ष हमारी कोशिश है कि जिन छात्रों का विद्यालय में नामांकन हो वह विद्यालय पहुंचे और शिक्षक भी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं। - राकेश कुमार, बीएसए