वाह रे बिजली विभाग! तेरी भी अजब-गजब माया है। बिजली तो दी नहीं लेकिन बिल भेज दिया 48 हजार रुपये का। क्षेत्र के पीठापुर हरिजन बस्ती में 13 साल पहले बिजली के नाम पर चार खंभे लगाकर छोड़ दिया गया। इन खंभों पर तार नहीं लगाया गया। 48 हजार का बिल मिलने पर ग्रामीणों के होशफाख्ता हो गए।
अहरौला विकास खंड के पीठापुर गांव की हरिजन बस्ती के लोग बिजली के लिए तरस रहे हैं। काफी प्रयास के बाद 13 वर्ष पूर्व विभाग ने गांव में चार पोल गाड़ दिए लेकिन तार लगाना भूल गया। अलबत्ता बस्ती के सात लोगों बिलावती देवी, रामसूरत, लालसा, किसमती देवी, साहबदीन, पियारी और श्यामकरन के नाम से वर्ष 2003 से बराबर बिजली का बिल आ रहा है।
बिल को लेकर ग्रामीणों ने अधिकारियों के यहां कई बार गुहार लगाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिन सात लोगों के नाम से बिल आ रहा है उनमें से तीन साहबदीन, पियारी और श्यामकरन की मौत हो चुकी है। लोगों का कहना है कि 2003 में आवास के नाम पर तत्कालीन लेखपाल लोगों का फोटो ले गए थे और इन सात लोगों के नाम से बिजली का कनेक्शन करा दिया। जब कुछ हल नहीं निकला तो ग्रामीणों ने 2011 में मुख्य अभियंता से मिले।
उन्होंने इसकी जांच स्थानीय जेई को सौंपी। जेई निखिल शेखर ने बताया कि इसकी जांच की थी। अंबेडकर गांव के नाम पर लोगों का कनेक्शन किया गया था। 2011 में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत कार्य चल रहा था उसके तहत कनेक्शन कराने के लिए लिखा था लेकिन पता नही क्यों नहीं हुआ।
ऐसा नहीं है कि बिना कनेक्शन बिल भेजा गया होगा। लोग कटिया कनेक्शन से बिजली जलाते होंगे, अब बिल जमा करना है तो इस तरह की बात कही जा रही है। गांव में तार ही नहीं गया तो कटिया कनेक्शन कैसे, यह जांच का विषय है। - पीपी सिंह, मुख्य अभियंता