आजमगढ़। जनपद के विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 की जिला योजना के अनुमोदन के लिए जनपद के प्रभारी
एवं गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा की अध्यक्षता में सोमवार को शाम चार बजे से बैठक होगी। प्रभारी मंत्री का कार्यक्रम मिलने पर जिला योजना को अंतिम स्वरूप देने के लिए रविवार को भी कवायद चलती रही। जिला योजना कितने की तैयार की जा रही है, इस पर बोलने से बचते रहे।
वित्तीय वर्ष 2019-20 में जनपद के विकास के लिए 6.10 अरब की जिला योजना तैयार की गई थी। वित्तीय वर्ष में इसके सापेक्ष 4.99 अरब की धनराशि ही व्यय की जा सकती है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 6.60 अरब की जिला योजना तैयार की गई थी। वित्तीय वर्ष में जब पूरा देश कोरोना की विभीषिका से जूझ रहा था फिर भी इस वर्ष में जिला योजना के सापेक्ष अनुमानित परिव्यय 6.62 अरब रखा गया है। ऐसा मनरेगा के तहत कोरोना काल में कराए गए कार्यों के कारण संभव हुआ है। कोरोना काल में काफी संख्या में प्रवासी मजदूर पलायित होकर अपने गाव लौट आए थे। ऐसे में उनके सामने अजीविका चलाने की समस्या थी। इसे देखते हुए मनरेगा के कार्य खूब कराए गए थे। इसमें काफी बजट भी आया था। समय से मजदूरों का भुगतान किया गया था। इसके साथ ही गन्ना, पशुपालन, दुग्ध विकास, सड़कों आदि के लिए पिछले साल से अधिक बजट उपलब्ध कराया गया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए जिला योजना तैयार करने के लिए सभी विभागों से कार्ययोजना मांगी गई तो उपलब्ध कराई गई कार्ययोजना के आधार पर यह 13.47 अरब के पार पहुंच गई थी। पिछले कई दिनों से इसमें काट-छांट का कार्य चल रहा था। विभागीय सूत्रों की मानें तो इसमें कटौती कर इसे पिछला साल की जिला योजना के आसपास ले जाने का कार्य किया जा रहा था। इसकी वास्तविक सूरत सोमवार को जिला योजना समिति की बैठक के बाद ही सामने आएगी। मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि जिला योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सोमवार शाम को प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक होगी। इसमें इसका अनुमोदन किया जाएगा।