सावन माह में शुरू होने वाली कांवर यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे जिले को दो सेक्टरों में बांटा है। जिले में सावन के प्रत्येक सोमवार को कांवरिए जिले के 82 शिवालयों पर जलाभिषेक करते हैं। इसलिए यहां पर पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात किए जाएंगे। जबकि चार प्रमुख मंदिरों पर पुलिस, पीएसी के जवानों की तैनाती के अलावा सीसीटीवी कैमरा भी लगाए जाएंगे। इन मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए यहां बैरिकेडिंग की जाएगी।
कांवर यात्रियों पर नजर रखने के लिए पुलिस के जवान बाइक, जीप आदि से पेट्रोलिंग करने के लिए लगाए जाएंगे। संबंधित सर्किल के सीओ गतिविधियों पर नजर रखेंगे और उसकी रिपोर्ट एसपी को करेंगे। बता दें कि सावन की शुरुआत 20 जुलाई से हो रही है। माह के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु काफी संख्या में वाराणसी में बाबा विश्वनाथ, कैथी स्थित मारकंडेय महादेव, बिहार के देवघर सहित अन्य प्रसिद्ध स्थलों पर जलाभिषेक करने के लिए जाते हैं।
वाराणसी और गाजीपुर से गंगाजल भरकर कांवर से लाकर क्षेत्र के शिवालयों में चढ़ाते हैं। धार्मिक मान्यता के तहत इस यात्रा का विशेष महत्व है। यात्रा में खासतौर से भक्त डीजे, बैंडबाजा आदि के धुनों पर थिरकते और बाबा के जयकारा लगाते हुए टोली बनाकर निकलते हैं। यात्रा के दौरान कई बार शरारती तत्व इनकी भावना को ठेस पहुंचाकर उन्हें भड़का देते हैं। माहौल शांत कराने में प्रशासन को नाकों चना चबाना पड़ता है। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए पुलिस यात्रा को सकुशल संपन्न कराने की तैयारी पूरी कर ली है।
सोमवार को इधर से नहीं गुजरेंगे वाहन
शहर से सटे भंवरनाथ मंदिर की तरफ से ही गाड़ियां आजमगढ़ से गोरखपुर और गोरखपुर से आजमगढ़, फैजाबाद की ओर जाती-आती हैं। सावन के सोमवार को इस मंदिर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सावन माह के प्रत्येक रविवार की शाम से सोमवार की शाम तक इस मार्ग से वाहनों का प्रवेश नहीं होगा। सभी वाहनों को अलग-अलग मार्ग से निकाला जाएगा। ऐसा ही कुछ हाल महराजगंज के भैरवनाथ मंदिर की तरफ का भी रहेगा।
बाइक से घूमकर सिपाही रखेंगे नजर
कांवरियों के आने और जाने वाले मार्गों पर नजर रखने के लिए सिपाहियों की अलग-अलग टीमें गठित कर उनकी अलग-अलग तैनाती की जाएगी। एक टीम में शामिल दो सिपाही असलहों के साथ अपने क्षेत्र में भ्रमण करते हुए नजर रखेंगे। इनकी सीमा तीन किलोमीटर तक निर्धारित की गई है। इसके बाद एसआई के साथ सिपाही पांच किलोमीटर तक नजर रखेंगे। शेष क्षेत्र में संबंधित थानाध्यक्ष और सीओ भ्रमण करते रहेंगे।
प्रमुख स्थानों पर लिखे जाएंगे पुलिस अफसरों के नंबर
कांवर यात्रा के दौरान कांवरिए जिन स्थानों पर रात्रि में विश्राम करते हैं, उन स्थानों पर संबंधित थानाध्यक्ष, सीओ, प्रमुख चिकित्साधिकारी, अग्निशमन दल विभाग के अधिकारियों का नंबर लिखवाया जाएगा। ताकि किसी भी विकट परिस्थिति में कांवरिए संबंधित अधिकारी को फोनकर उसकी सूचना दे सकें और समय रहते उनकी शिकायतों का निस्तारण किया जा सके।
कांवर यात्रा को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से जिले को जोन और सेक्टर में बांटा गया है। पर्याप्त मात्रा में होमगार्ड के जवान, पुलिस, पीएसी तैनात की जाएगी। भंवरनाथ मंदिर, निजामाबाद के दत्तात्रेय धाम, फूलपुर के दुर्वासा धाम और महराजगंज के भैरवनाथ धाम पर विशेष व्यवस्था रहेगी। यहां पर पुलिस, पीएसी के अलावा ट्रैफिक पुलिस, फायर की गाड़ी, सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा। - शैलेंद्र कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण