आजमगढ़। पिछले दिनों न्यायालय परिषद में टीन शेड के निर्माण कराए जाने को लेकर जनपद न्यायाधीश पर अधिवक्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों को देखते हुए सोमवार सुबह से न्यायालय में भारी संख्या में फोर्स की तैनाती कर दी गई थी। पुलिस के साथ ही पीएसी भी लगाई गई थी। कचहरी के छावनी में तब्दील होने से सुबह से ही गहमागहमी रही। अधिवक्ताओं ने संघ के सभागार में बैठक कर जबरदस्त नाराजगी जताई। फोर्स के साथ हल्की झड़प भी हुई। विरोध में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य नहीं किया।
विभिन्न मुद्दों को लेकर अधिवक्ताओं आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के लिए कचहरी परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। सोमवार को पुलिस की चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था देखकर अधिवक्ता उद्वेलित हो गए। सुबह लगभग 10.30 बजे दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ के अधिवक्ता सदस्यों की संघ के सभागार में रामप्यारे सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में आपात बैठक हुई। इसका संचालन संघ के मंत्री देवनारायण शुक्ल ने किया। अधिवक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। सर्वसम्मित से पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि संघ का कोई भी अधिवक्ता सदस्य किसी न्यायालय में कार्य करते पाया गया तो उसे संघ के आकस्मिक कोष की सदस्यता से वंचित किए जाने और उच्च न्यायालय इलाहाबाद को पारित प्रस्ताव की प्रतिलिपि भेजकर अवगत कराए जाने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल जनपद न्यायाधीश से मिला और अपनी बातों से अवगत कराया।