आजमगढ़। सामान्य दिनों की अपेक्षा इस समय बिजली की डिमांड कभी डेढ़ गुना तो कभी इससे भी अधिक बढ़ जा रही है। इससे जिले की बिजली व्यवस्था हांफने लगी है। फूलपुर क्षेत्र में रात में ढाई से तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
सामान्य दिनों में बिजली की खपत 325 से 350 मेगावाट तक जाती है, लेकिन इस समय उमस भरी गर्मी में डिमांड 552 मेगावाट तक पहुंच जा रही है। बढ़े लोड ने निगम की व्यवस्था का फ्यूज ही उड़ा दिया है। उपभोक्ता अमित सिंह, विजय जायसवाल, अरविंद चौहान ने बताया कि गर्मी में विद्युत व्यवस्था में सुधार के दावे की हवा निकल गई है। 18 की जगह मुश्किल से 10 से 11 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इसमें रात में केवल ढाई से तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है। दिन तो किसी तरह बीत जा रहा लेकिन बिना बिजली के उमस भरी रात काटनी मुश्किल हो जा रहा है। लोगों ने नींद पूरी नहीं हो पा रही है।
पवई: भीषण गर्मी के बीच रातभर बिजली की आंख-मिचौली से लोग सो नहीं पा रहे हैं। शाम सात बजे से सुबह पांच बजे तक केवल ढाई से तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था और घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं।
मेजवा: गर्मी में बिजली आपूर्ति पटरी से उतर गई है। फूलपुर कस्बा से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से गर्मी में लोग बेहाल हैं। शाम सात बजे से ही बिजली कट जाती है। आधी रात के बाद आती भी है तो बार- बार ट्रिपिंग के चलते बिजली गुल हो जाती है। दिन में लो वोल्टेज के चलते डाकघर में जेनरेटर चलाना पड़ रहा है।
कहां कितनी मिलनी चाहिए बिजली
जिला मुख्यालय- 24 घंटे
तहसील मुख्यालय- 21:30 घंटे
ग्रामीण क्षेत्र- 18 घंटे
दिन में सिर्फ तीन घंटे मिल रही बिजली-अहरौला। क्षेत्र में रेड़हा और गोपालगंज भेदौरा उपकेंद्र से बिजली की आपूर्ति की जाती है। गर्मी में आपूर्ति की लचर व्यवस्था से सभी लोग परेशान हैं। क्षेत्र के रहने वाले रमेश यादव, विनोद सिंह, रामकेवल ने बताया कि उपकेंद्र रेड़हा से रात में दो घंटे तो दिन में लगभग तीन घंटे कट- कट कर बिजली मिल रही है। उपकेंद्र गोपालगंज भेदौरा से दिन में चार और रात में करीब तीन घंटे मिल रही है। संवाद
बिजली की खपत की दैनिक स्थिति (मेगावाट में)
15 मई - 452
16 मई - 480
17 मई - 461
18 मई - 480
19 मई - 470
20 मई- 534
21 मई- 473
22 मई - 475
हमारे यहां से कोई समस्या नहीं है। ऊपर से ही कम बिजली मिल रही है। इस कारण कम बिजली आपूर्ति हो पा रही है। ओवरलोडिंग के कारण बिजली ट्रिप कर जा रही है। करीब एक सप्ताह बाद ही बिजली व्यवस्था के सुधार होने की उम्मीद है। हरिप्रसाद प्रजापति, अधिशासी अभियंता।