आजमगढ़। निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी, अधिकारी संगठनों ने 29 मई से पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करने के लिए चेताया है। इस दौरान बिजली आपूर्ति में अगर किसी प्रकार की समस्या आती है तो निगम कार्यदायी संस्था के मैन पॉवर से आपूर्ति की कमान संभालेगा। मुख्य अभियंता ने उनकी सूची भी तैयार करा लिया है।
पॉवर कारपोरेशन द्वारा पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत निगमों का निजीकरण करने की तैयारी चल रही है। इसके खिलाफ विभाग के संगठन लामबंद हो चुके हैं। जिले में बीते चार दिनों से लगातार तीन घंटे का कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर (जेई), और सब-डिविजनल अधिकारी (एसडीओ) का कार्य बहिष्कार चल रहा है। निजीकरण के खिलाफ कोई आंदोलन न हो इसके लिए कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के लिए नियमावली में प्रबंधन ने संशोधन भी कर दिया है। इससे कर्मचारी और अभियंता संघ और लामबंद हो चुका है। हालांकि कर्मचारी संगठनों ने कार्य बहिष्कार के दौरान बिजली आपूर्ति में कोई समस्या न आने की बात कही है। निजीकरण के फैसले और हड़ताल की स्थिति से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति न होने से उपभोक्ताओं में भी चिंता बढ़ रही है। जनपद में 80 उपकेंद्रों के माध्यम से लगभग 50 लाख की आबादी को बिजली की आपूर्ति होती है। कर्मचारी संगठनों के आगामी 29 मई से पूर्ण कार्य बहिष्कार के तेवर को देखते हुए विभाग के उच्चाधिकारियों ने विभाग में काम कर रहीं कार्यदायी संस्थाओं और ठेकेदारों से मैन पॉवर की सूची मंगाई है।
कर्मचारी संगठनों के पूर्ण कार्य बहिष्कार को देखते हुए विभाग में काम कर रहीं कार्यदायी संस्थाओं और ठेकेदारों से मैन पॉवर की सूची ले ली गई है। अगर कार्य बहिष्कार के दौरान बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न होगा तो इन्हीं मैन पॉवर को लगाकर व्यवस्था संभाली जाएगी। कर्मचारी बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान उत्पन्न न होने दें। बिना कारण विद्युत सप्लाई रोकी गई या ब्रेक डाउन लिया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-इंजी. नरेश कुमार, मुख्य अभियंता वितरण।