खानपुर ग्राम सभा में उसर की जमीन पर से कब्जा हटवाता प्रशासन। संवाद
सरायमीर/निजामाबाद। खानपुर ग्रामसभा में ऊसर की जमीन पर हुए कब्जे को प्रशासन ने शुक्रवार को हटा दिया। एसडीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि राजेश यादव फर्जी वकील है और भू माफिया प्रवृत्ति का है। उसने दो जगह करकट लगाकर ऊसर की भूमि पर कब्जा किया था, उसे आज जेसीबी से गिराया गया। तीन मकान भी है, उसे धारा 67 की कार्रवाई के बाद गिराया जाएगा।
बृहस्पतिवार को सिविल न्यायालय जूनियर डिवीजन के 10 अप्रैल 2026 के आदेश के क्रम में श्यामधर यादव, राजेश यादव, अधिवक्ताओं और अमीन के साथ तहसील परिसर स्थित गाटा संख्या 372 (लगभग 200 कड़ी भूमि) पर पहुंचा और पुलिस बल की मौजूदगी में निशानदेही कर पिलर गाड़ने लगा था। मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम निजामाबाद चंद्र प्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्य रुकवा दिया। उन्होंने न्यायालय के आदेश की प्रति दिखाने को कहा। इस दौरान राजेश यादव के साथ एसडीएम की बहसबाजी हुई थी। एसडीएम नाराज हो गए और मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर अधिवक्ताओं व पक्षकारों को हटवा दिया था।
इसके बाद शुक्रवार को एसडीएम राजेश यादव के कटरैन डालकर किए गए निर्माण के पास बुलडोजर लेकर पहुंच गए। उन्होंने वहां पर ऊसर की भूमि पर कब्जा कर करकट लगाने का आरोप लगाते हुए उसे ढहा दिया। लोग इसे बृहस्पतिवार को निजामाबाद तहसील परिसर में हुई घटना से जोड़कर देखा जा रहा है।
एक व्यक्ति का सिविल कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। उसकी भूमिधरी तहसील के अंदर तक पहुंच रही थी। बृहस्पतिवार को कोर्ट के आदेश पर अमीन और हम लोग कब्जा लेने के पहुंचे। एसडीएम साहब ने कब्जा नहीं लेने दिया। आज उसी द्वेष में हमारे निर्माण को ढहाया गया है। इस जमीन को लेकर हमारी पड़ोसियों से मुकदमेबाजी हुई थी और 92 में हमें इस पर डिग्री मिल चुकी है। हमारे अगल-बगल अन्य लोगों के भी मकान बने हैं लेकिन उन्हें नहीं हटाया गया है। राजेश यादव, पीड़ित।
राजेश यादव कोई अधिवक्ता नहीं है। ऊसर की दो बिस्वा जमीन पर कटरैन डालकर कब्जा किया था। इसकी शिकायत हमारे पास पड़ी थी। इसलिए आज इस कब्जे को हटाया गया। अन्य निर्माणों को भी हटाने की कार्रवाई चल रही है, जल्द ही उसे भी हटाया जाएगा। - चंद्र प्रकाश, एसडीएम निजामाबाद।