आजमगढ़। लॉक डाऊन के चलते बिजली विभाग उपभोक्ताओं की रीडिंग नहीं करा पा रहा है। इसके पीछे कारण मीटर रीडरों के माध्यम से रीडिंग न कराया जाना है। इसके बाद भी विभाग बिल बना रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं के बीते तीन बिलों के औसत को आधार माना गया है तो वहीं व्यवसायिक उपभोक्ताओं की रीडिंग करा कर बिल बनाया जा रहा है। बिल रहा है लेकिन किसी को मिल नहीं रहा है क्योकि बिल सीधे उपभोक्ताओं के मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से भेजा जा रहा है।
जिलाधिकारी एनपी सिंह ने बृहस्पतिवार को बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और बिजली बिल समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा किया। इस दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल माह में मीटर रीडर से घरेलू कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग नहीं करायी जा रही है। बल्कि उनके पिछले तीन माह के रीडिंग का औसत निकाल कर उसी धनराशि को वर्तमान बिल मान लिया जा रहा है। वहीं लॉक डाऊन के द्वारा व्यवसायिक सेंटर लगभग बंद है। जिसके चलते इनके बिल घरेलू कनेक्शन के आधार पर नहीं तय किया जा सकता है। इनके बिल मीटर रीडरो से रीडिंग करा कर बनाया जा रहा है। किसी भी उपभोक्ता को विभाग प्रिंटेड बिल नहीं उपलब्ध करा रहा है। उसके स्थान पर संबंधित उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बिल की धनराशि का मैसेज भेज कर जानकारी दी जा रही है। बिल जमा करने के लिए ऑन लाइन व्यवस्था तो उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध है वहीं बिल काउंटरों के संचालन की भी रणनीति बन रही है।
21 से खुलेंगे बिल जमा करने को दर्जन भर काउंटर
आजमगढ़। जिलाधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि बिजली का बिल उपभोक्ता जमा कर सके इसके लिए 21 अप्रैल से अधीक्षण अभियंता एक के अंतर्गत दर्जन भर बिल काउंटरों को 21 अप्रैल से शुरू कराने की योजना बनायी गई है। अधीक्षण अभियंता दो के तहत भी कुछ काउंटर संचालित किये जाएंगे। जिनके चिन्हीकरण का कार्य अभी चल रहा है।