मेंहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम सेर्रा निवासी शशिभूषण चौहान को नकली जर्दा बनाने और कॉपीराइट अधिनियम के उल्लंघन के मामले में सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट- दो अमर सिंह ने नकली जर्दा बनाने के आरोप में दोषसिद्ध पाने पर दिया। इसके साथ ही उन्होंने 1.40 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
मामला छह अगस्त 2007 का है। तत्कालीन थानाध्यक्ष शशिभूषण राय ने तहरीर दी थी कि शशिभूषण चौहान द्वारा नकली जर्दा बनाने की फैक्टरी संचालित की जा रही है। रंगे हाथ पकड़े जाने पर आरोपी के खिलाफ थाना पवई में आबकारी अधिनियम और कॉपीराइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान 14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
बताते चलें कि इस मामले में पहले ही एक दोषी को कोर्ट सजा सुना चुकी है। एक दोषी शशिभूषण चौहान हाजिर नहीं थे। इसके कारण उनके खिलाफ वारंट जारी हो गया था। मंगलवार को उन्होंने कोर्ट में आत्म समर्पण किया।