नगर पंचायत अजमगढ़ और नगरपालिका बिलरियागंज में ऑनलाइन टेंडर निकाले गए। लेकिन इनमें से अजमतगढ़ में एक भी टेंडर फाइनल नहीं हुआ, जबकि बिलरियागंज में 12 टेंडर फाइनल किए गए। शेष सभी टेंडर कोई टेक्निकल बिड में तो कोई वित्तीय बिड में फंसे हैं।
अगर खुला भी तो नगर पंचायत और नगरपालिका ने उसे पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। जबकि नए नियमों के अनुसार टेंडर को पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।
शासन की ओर से पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सबकुछ ऑनलाइन अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। कोई भी टेंडर हो, उसे भरने की तिथि कब तक है और वर्तमान में उसकी क्या स्थिति है, सबकुछ ई-टेंडर पोर्टल पर अपलोड करना है।
वहीं, अगर ई-टेंडर पोर्टल पर अजमतगढ़ नगर पंचायत की स्थिति देखें तो यहां 2019 से लेकर 2026 तक 61 टेंडर निकाले गए। लेकिन, सबसे बड़ी बात तो यह है कि इनमें एक भी टेंडर अंजाम तक नहीं पहुंचा।
कोई टेंडर टेक्निकल बिड में फंसा है तो कोई फाइनेंशियल बिड में फंस कर रह गया है। इन 61 में से 9 टेंडर निरस्त किए गए हैं। एक टेंडर खुला जरूर, लेकिन उसी तरह से पड़ा है। दो टेंडर में कार्यादेश जारी नहीं हुआ है। शेष 48 टेंडर वित्तीय मूल्यांकन और कार्यादेश जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं, अगर बिलरियागंज नगरपालिका की स्थिति देखें तो यहां 2018 से 2026 तक कुल 222 टेंडर निकाले गए। इनमें से नगरपालिका ने 12 टेंडर फाइनल किए हैं। एक टेंडर तकनीकी मूल्यांकन के बाद छोड़ा गया है।
36 टेंडर निकालने के बाद उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 5 टेंडर को फिर से जारी किया गया है। सात टेंडर को किन्हीं कारणों से निरस्त किया गया है। जबकि 161 टेंडर वित्तीय और तकनीकी मूल्यांकन में फंसे हैं।
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शासन का निर्देश
2018 में ही शासन ने दिया था आदेश अंतरिम सूचना अपलोड करने का निर्देश। शासन की ओर से 2018 में ई-टेंडरिंग पोर्टल की समीक्षा की गई थी। इसमें पाया गया था कि बहुत से विभाग ई-टेंडरिंग पोर्टल पर टेंडर के संबंध में पूरी जानकारी अपलोड नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में शासन की ओर से प्रदेश के सभी डीएम को यह निर्देश दिया गया था कि वे निर्देशित करें कि ऑनलाइन पोर्टल पर टेंडर की अंतरिम सूचना दर्ज की जाए। इसका उद्देश्य था कि निर्माण कार्यों, सेवाओं और सामग्री की खरीद में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और जवाबदेही सुनिश्चित करना। दस लाख रुपये से अधिक की सभी निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रणाली के माध्यम से ही आमंत्रित की जाएंगी। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद सफल निविदादाता को जारी किए गए कार्यादेश की प्रतिलिपि ई-टेंडर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।
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अजमतगढ़ में भी मूल्यांकन चार्ट की जगह अपलोड किया कमेटी का नाम
अजमतगढ़ में 2019 से 2026 तक कुल 61 निविदा निकाली गई हैं। इनमें से एक भी निविदा पूरी नहीं हो सकी है। यह हम नहीं, बल्कि शासन द्वारा विकसित ई-टेंडरिंग पोर्टल बता रहा है। वहीं, इतना ही नहीं, पोर्टल पर नगर पंचायत कर्मियों ने निविदा के मूल्यांकन चार्ट को अपलोड करने की बजाय ई-निविदा कमेटी की सूची को अपलोड किया है।
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हाल ही में जीयनपुर नगर पंचायत की खबर आपके द्वारा टेंडर के संबंध में निकाली गई थी। हमने इस पर जांच बिठा दी है। अगर अजमतगढ़ और बिलरियागंज में ऐसा कुछ है तो मैं इसकी जांच करवाता हूं। -संजीव ओझा, सीआरओ और प्रभारी अधिकारी नगर निकाय।