इस माह में अधिकतम तापमान बढ़कर 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तापमान में बढ़ोतरी जारी रही तो गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। इसको लेकर किसान चिंतित हैं।
जिला कृषि अधिकारी गगनदीप सिंह की मानें तो तापमान बढ़ा जरूर है लेकिन अगर यह स्थिति बनी रही तो गेहूं की फसल पर असर पड़ेगा। अगर तापमान गिरता है तो गेहूं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। जनपद में इस वर्ष मौसम के मिजाज में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसको लेकर किसानों को फसल की चिंता सताने लगी है। 20 फरवरी को जिले का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान बढ़ने से जहां लोगों को धूप बर्दाश्त नहीं हो रही है। वहीं शाम की गलन बढ़ने से लोग परेशान हैं। वर्तमान में किसानों को अपनी गेहूं की फसल में पानी चलाने की आवश्यकता है लेकिन तेज हवा चलने के कारण किसान पानी चलाने से परहेज कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें अपनी फसलों के गिरने की संभावना है। वहीं किसानों को इस बात की चिंता भी सता रही है कि अगर इसी तरह से मौसम बना रहा तो उनकी गेहूं की फसल हल्की हो सकती है। उसके दाने छोटे हो सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी की मानें तो अगर तापमान में गिरावट होती है तो गेहूं की फसल पर कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन अगर इसी तरह से मौसम बना रहा और तापमान नीचे नहीं आया तो गेहूं के दाने हल्के हो सकते हैं।
जिला कृषि अधिकारी गगनदीप सिंह ने बताया कि जनपद में लगभग साढ़े छह लाख किसान हैं। ये किसान दो लाख 30 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती करते हैं। इस बार गेहूं का रकबा नहीं बढ़ा है। लेकिन सरसों के रकबे में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।
तारीख न्यूनतम अधिकतम तापमान
14 फरवरी 8 डिग्री सेल्सियस 25 डिग्री सेल्सियस
15 फरवरी 9 डिग्री सेल्सियस 24 डिग्री सेल्सियस
16 फरवरी 11 डिग्री सेल्सियस 24 डिग्री सेल्सियस
17 फरवरी 11 डिग्री सेल्सियस 25 डिग्री सेल्सियस
18 फरवरी 11 डिग्री सेल्सियस 26 डिग्री सेल्सियस
19 फरवरी 12 डिग्री सेल्सियस 27 डिग्री सेल्सियस
20 फरवरी 12 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस