आजमगढ़। अक्सर विद्यालयों में मध्याह्न भोजन मेन्यू के हिसाब से न बनने की शिकायत मिलती है। लेकिन अब इसके शिकार गुरुजी भी हो गए हैं। जनपद के कई विकास खंडों में शिक्षकों को निष्ठा कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लेकिन सोमवार को हुई पड़ताल में यह पाया गया कि शिक्षकों को भी मेन्यू के हिसाब से नाश्ता और भोजन नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण देकर किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत जनपद के कई विकास खंडों में इस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। सरकार की ओर से इस कार्य में लगे शिक्षकों के लिए प्रतिदिन का खर्च निर्धारित किया है। इसमें उन्हें सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और शाम को नाश्ता प्रदान करना है। पर सोमवार को जब इसकी पड़ताल की गई तो किसी भी प्रशिक्षण केंद्र पर मेन्यू के हिसाब से भोजन नहीं मिला। वहीं बीएस एदेवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि शिक्षकों केे भोजन व नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए ब्लाक स्तर पर ही टेंडर कराया गया था। अब हम इसके बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं। यह सब ब्लाक स्तर से ही पता करना होगा।
मटर पनीर की जगह आलू गोभी
आजमगढ़। अजमतगढ़ विकास खंड के बीआरसी परिसर में सोमवार को निष्ठा कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। तीन कमरों में 150 शिक्षकों को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले दिन नाश्ते में शिक्षकों को इमरती, समोसा और चाय दी गई। जबकि मीनू के अनुसार उन्हें चाय या काफी के साथ पोहा, हलवा और फ्रूट दिया जाना था। दोपहर के भोजन में शिक्षकों को पूड़ी, आलू गोभी की सब्जी, मिक्सवेज, अरहर की दाल, चावल, पापड़ और सलाद दिया गया। जबकि मीनू के अनुसार उन्हें मटर पनीर, दाल मखानी, मिक्सवेज, रोटी मक्खन सहित, जीरा राइस, बूंदी रायता, सलाद, पापड़, अचार और गुलाब जामुन देना था। खंड शिक्षा अधिकारी दीनानाथ साहनी ने कहा कि हमने तो मेन्यू के हिसाब दिया है।
मिक्सवेज की जगह दिया गया पालक का साग
आजमगढ़। बिलरियागंज विकास खंड के एक जूनियर विद्यालय में सोमवार को निष्ठा का प्रशिक्षण शुरू हुआ। यहां शिक्षकों को सुबह के नाश्ते में काला जाम, नमकीन और चाय दिया गया। दोपहर के खाने में आलू गोभी मटर की सब्जी, पालक का साग, चावल, चने की दाल, पापड़, सलाद और अचार दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी बंशीधर पांडेय ने कहा कि ईटेंडरिंग के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। हमें जो मेन्यू मिला है उसी हिसाब से नाश्ता और भोजन दिया जा रहा है।
सैंडविच की जगह चना घुघनी
तहबरपुर। विकास खंड के टीकापुर में चल रहे निष्ठा प्रशिक्षण के तीसरे दिन शिक्षकों को नाश्ते में चाय के साथ जलेबी और चने की घुघनी का नाश्ता दिया गया। जबकि उन्हें नाश्ते में काफी या चाय के साथ सैंडविच और फ्रेश फूट देना था। दोपहर के खाने में पूड़ी, रोटी, घी, सलाद, अचार, चावल, दाल, पापड़ व आलू गोभी मटर की सब्जी दिया गया। जबकि मेन्यू के अनुसार उन्हें मटर पनीर, दाल मखनी, मिक्सवेज, रोटी मक्खन सहित जीरा राइस, बूंदी रायता, सलाद, पापड़, अचार और गुलाब जामुन देना था। खंड शिक्षा अधिकारी जनार्दन सिंह यादव ने कहा कि शिक्षकों ने भी इसकी शिकायत की है कि उन्हें मेन्यू के अनुसार नाश्ता और भोजन नहीं मिल रहा है। कल से उन्हें मेन्यू के अनुसार भोजन मिलेगा।
सोयाबीन ही मिला शिक्षकों को
सठियांव। विकास खंड में चल रहे निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन शिक्षकों को सुबह के नाश्ते में गाजर का हलवा, पकौड़ा और चाय उपलब्ध कराई गई। जबकि मीनू के हिसाब से उन्हें काफी या चाय के साथ स्प्रिंग रोल व फ्रेश फ्रूट देना था। वहीं दोपहर के भोजन में आलू चना और सोयाबीन की सब्जी, मिक्सवेज, पापड़, अचार, सलाद, दाल अरहर की, रोटी और चावल दिया गया। जबकि मीनू के अनुसार मटर पनीर, दाल मखनी, मिक्सवेज, रोटी मक्खन सहित, जीरा राइस, बूंदी रायता, सलाद, पापड़, अचार और गुलाब जामुन देने का निर्देश है। खंड शिक्षा अधिकारी क्षमा शंकर पांडेय ने कहा कि मैं देखता हूं। आगे से कोशिश रहेगी कि मेन्यू के हिसाब से ही शिक्षकों को भोजन मिले।