वेतन विसंगति को लेकर चलाए जा रहे जागृति पखवारे के तहत उत्तर प्रदेश कर्मचारी-शिक्षक समंवय समिति के लोगों ने मंगलवार को कुंवर सिंह उद्यान में बैठक की। इसमें 13 फरवरी को विकास भवन गेट पर सभा और 20 फरवरी को रिक्शा स्टैंड पर विशाल धरना देने का निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए समिति के संयोजक गिरीश चतुर्वेदी ने कहा कि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की संस्तुतियां कर्मचारी और शिक्षकों के लिए घोर निराशाजनक हैं। सातवें वेतन आयोग ने नियमित नियुक्तियों के स्थान पर संविदा पर नियुक्तियों की वकालत की है जो कर्मचारियों और शिक्षकों पर कुठाराघात है।
कुल मिलाकर सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की संस्तुतियों से कर्मचारियों और शिक्षकों में घोर निराशा है। जागृति पखवारा अंतर्गत 13 फरवरी को विकास भवन गेट पर सभा और 20 फरवरी को रिक्शा स्टैंड पर विशाल धरना दिया जाएगा। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रामबिहारी सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें शिक्षक और कर्मचारियों के सुविधाओं में लगातार कटौती करती जा रही हैं।
हमें अपनी अर्जित उपलब्धियों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा। इस मौके पर रमाकांत सिंह, बलवंत सिंह, प्रभाकर राय, रमेेश शुक्ला, मनोज कुमार त्रिपाठी, रामाश्रय यादव, श्याम कन्हाई लाल श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता समिति के जिलाध्यक्ष वशिष्ठ ने किया।