आजमगढ़। आम जनता के स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने में केंद्र व प्रदेश सरकार जुटी हुई है। केंद्र सरकार अपने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीबों को नि:शुल्क स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसे जल्द से जल्द पूरा कर दिया जाएगा। उक्त बातें केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने रविवार को राहुल प्रेक्षागृह में आयोजित पार्टी के मासिक बैठक के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में जीडीपी का मात्र दो प्रतिशत धन ही स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च हो रहा है। जिसें 2.5 प्रतिशत करने का काम हो रहा है। आने वाले वर्षो में जीडीपी का 2.5 प्रतिशत धन स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च होगा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की कवायद के तहत ही केंद्र सरकार सभी प्रदेशों में कम से कम एक एम्स खोल रही है। वहीं सभी सरकारी जिला अस्पतालों में प्रधानमंत्री डायलिसिस कार्यक्रम के तहत डायलिसिस सेंटर खोला जा रहा है।
अमृत फार्मेसी स्टोर खोले जा रहे है, जहां से कैंसर की महंगी दवाएं 70 से 90 प्रतिशत कम रेट पर मरीजों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इतना ही नहीं सभी के लिए नि:शुल्क जांच व दवाओं के इंतेजाम में केंद्र सरकार लगी हुई है। मंडलीय अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा देर से ओपीडी में बैठने और डॉक्टरों की कमी के प्रश्र पर उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सरकार का मैटर है। वैसे सीएम से बात कर व्यवस्था में सुधार का प्रयास होगा। डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए एमबीबीएस व पीजी की पांच हजार सीटें बढ़ा दी गई है।
अपना दल - भाजपा गठबंधन पर कहा कि यह प्रदेश ही नहीं देश का सबसे सफल गठबंधन है। 2014 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन के तहत हमें दो सीट मिली और दोनों पर हमने जीत दर्ज की। 2017 के विस चुनाव में भी पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया और आने वाले लोकसभा चुनाव में भी भाजपा-अपना दल एस गठबंधन जनता के विश्वास पर खरा उतरेगा और सर्वाधिक सीट जीत कर पुन: सरकार बनाएगा।