सदर तहसील के पास प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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आजमगढ़। उप जिलाधिकारी सदर की न्यायिक कार्यशैली और व्यवहार से नाराज अधिवक्ताओं नौ मार्च से अनवरत चला आ रहा धरना जारी रहा। अधिवक्ताओं ने धरना स्थल कलेक्ट्रेट भवन से शुक्रवार को जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट से होते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय, तहसील सदर से होते हुए जुलूस धरना स्थल पहुंचकर धरने में परिवर्तित हो गया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि एसडीएम सदर की न्यायिक कार्यशैली और व्यवहार को लेकर स्थानांतरण की मांग की गई लेकिन जिलाधिकारी द्वारा अधिवक्ताओं की प्रस्तुत मांगों पर लिखित आश्वासन दिए जाने के बावजूद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिलाधिकारी द्वारा 20 मार्च को पुन: वार्ता में स्पष्ट और विश्वसनीय आश्वासन नहीं मिले की वजह से मंडलायुक्त से वार्ता करने का निर्णय लिया गया था। शुक्रवार 26 मार्च को मंडलायुक्त से अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल मिला। बाद में मंडलायुक्त से हुई वार्ता से सदन को अवगत कराया। अधिवक्ताओं ने उचित और आवश्यक निर्णय लेने की बात कही। अध्यक्ष रणविजय यादव, मंत्री बालकेश्वर त्रिपाठी, अधिवक्ता अभिमन्यु चौहान, लालधर यादव, दयाशंकर सिंह पटेल, शेषनाथ यादव, शिवशंकर उपाध्याय, प्रदीप कुमार मिश्रा, विनोद प्रजापति, राजेश कुमार चौहान, स्वामीनाथ गिरी, रईस अहमद, सतीश यादव, मारकंडेय यादव, रामायन यादव, सियाराम कुशवाहा, रामशबद राम, सीपी राय, सत्यविजय राय, सूर्यभान सिंह, शैलेश राय सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।