जिले के चार मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद भी अस्पतालों में संक्रमण से बचाव के इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर 100 शैय्या संयुक्त अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। ओपीडी से लेकर दवा काउंटर तक बड़ी संख्या में लोग बिना मास्क के खड़े दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में अस्पतालों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। अहरौलासामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शिव कुमार यादव ने बताया कि ओपीडी में 137 पंजीकरण कराए थे और जांच कर के दबाएं दी गई है। स्वाइन फ्लू के संबंध में उन्होंने बताया कि मौके पर इमरजेंसी वार्ड में दो बेड लगाए गए हैं। ऑक्सीजन और नेबुलाइजर की व्यवस्था है और दवाइयां भी उपलब्ध हैं। जिनके अंदर सिंपटम देखा जा रहा है उन्हें दवा और मास्क भी दिया जा रहा है। फिलहाल अभी तक ऐसा कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है।
बुधवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में कुल 1281 मरीज पंजीकृत किए गए। इनमें करीब 40 फीसदी मरीज बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित रहे। फिजिशियन की ओपीडी में सबसे अधिक भीड़ रही। मरीजों की लंबी कतार के बावजूद कई लोग मास्क लगाए बिना ही एक-दूसरे के काफी करीब खड़े रहे। इससे सांस संबंधी संक्रमण के प्रसार को लेकर चिंता बढ़ गई है। अस्पताल परिसर में मरीजों की भीड़ के बीच संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के इस्तेमाल को लेकर भी पर्याप्त जागरूकता नजर नहीं आई। यही स्थिति मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर, 100 शैय्या अस्पताल अतरौलिया और लालगंज सहित अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी दिखाई दी।
अधूरी तैयारी से बढ़ा संक्रमण का खतरा।
अतरौलिया। स्थानीय 100 शैय्या चिकित्सालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हमारी टीम ने पड़ताल की। यहां जांच की व्यवस्था अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। वहीं, अस्पतालों की ओपीडी और पर्ची काउंटर पर बिना मास्क के मरीजों की लंबी कतारें संक्रमण के खतरे को बढ़ा रही हैं। 100 शैय्या चिकित्सालय में ओपीडी में मरीजों की लगातार बढ़ती भीड़ के बीच डॉक्टर मास्क लगाकर मरीजों का उपचार करते नजर आए। हालांकि, अधिकांश मरीज बिना मास्क के ही ओपीडी में अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। पर्ची काउंटर पर भी बिना मास्क के मरीजों की लंबी कतार लगी रही। अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इसके लिए शासन को अवगत कराया गया है। संक्रमित मरीजों को अलग रखने के लिए अस्पताल में चार बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में जगह-जगह जागरूकता संबंधी पोस्टर लगाए गए हैं। ध्वनि यंत्रों के माध्यम से भी लोगों को स्वाइन फ्लू से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
सीएचसी में भी जांच की सुविधा नहीं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौलिया में भी डॉक्टर मास्क लगाकर मरीजों को देखते मिले। यहां भी स्वाइन फ्लू की जांच की व्यवस्था नहीं है। संक्रमित या संदिग्ध मरीजों के लिए एक बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। वहीं, डॉक्टरों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके बावजूद अस्पतालों में मरीजों का मास्क के बिना पहुंचना चिंता बढ़ा रहा है।
अहरौला में दो बेड का बना आइसोलेशन वार्ड
जिले में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर में जांच की सुविधा उपलब्ध है। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि कोई ऐसा मरीज दिखता हो तो उसकी तुरंत जांच कराएं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।- डॉ. एनआर वर्मा, सीएमओ।