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मुबारकपुर में मानव मल युक्त पानी की सप्लाई

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मुबारकपुर में मानव मल युक्त पानी की सप्लाई
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--स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी की कराई गई जांच में हुआ खुलासा
--घर-घर पहुंच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खोजा पीलिया रोगी
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। मुबारकपुर कस्बे में पीलिया का मुख्य कारण वहां की पानी में पाया जाने वाला कोलीफार्म वैक्टीरिया है। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग द्वारा नपा के पानी की कराई गई जांच में हुआ है। नपा प्रशासन की लापरवाही से मुबारकपुर में मानव मल युक्त पानी की सप्लाई हो रही है।
मुबारकपुर कस्बे में पहली बार जनवरी में पीलिया का प्रकोप फैला था। उस बार भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा करायी गई जांच में नपा के सप्लाई वाले पानी में मानव मल के अंश पाए जाने की बात सामने आयी थी। तत्कालीन सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार ने सीएचसी पर प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी थी। छह माह कस्बे में पुन: पीलिया ने दस्तक दी। स्वास्थ्य विभाग ने पानी का सेंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा। शुक्रवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. एके सिंह कस्बे में पहुंचे तो सीएचसी पर मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने बताया कि इस बार की रिपोर्ट भी पिछली बार वाली ही है। नपा के सप्लाई वाले पानी में कोलीफार्म वैक्टीरिया पाया गया है जो पानी में मानव मल के होने की पुष्टि करती है। इसके साथ ही कस्बे में हेपेटाइटिस ई फैला हुआ है जो दूषित पानी से ही होता है। डॉ. एके सिंह के नेतृत्व में जहानागंज, अजमतगढ़ व जीयनपुर सीएचसी के प्रभारी भी पहुंचे थे। सभी ने अलीनगर व पुरानी बस्ती इलाके में घर-घर जाकर नये रोगियों की तलाश किया। इस दौरान कई लोगों में पीलिया के लक्षण पाये गये, जिन्हें मौके पर पर दवा व जरूरी सलाह देकर आराम करने को कहा गया। वहीं दो लोगों की स्थिति गंभीर देख टीम ने उन्हें सीएचसी पर भेज कर भर्ती कराया। इसके साथ ही घर-घर क्लोरीन की गोली भी वितरित की गई और जरूरी सलाह दिया गया।
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कस्बे में फैले पीलिया के पीछे पूरी तरह से यहां का दूषित पानी जिम्मेदार है। नपा के पानी को जांच के लिए भेज गया था, रिपोर्ट में कोलीफार्म वैक्टीरिया पाया गया है जो पानी में मानव मल के कण मौजूद होने की पुष्टि करते है।
डॉ. एके सिंह, डिप्टी सीएमओ, आजमगढ़।
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