आजमगढ़। जिले में इन दिनों प्रचंड गर्मी पड़ रही है। स्थिति यह है कि दो दिन से तापमान 43 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। दिन में अगर आप घर से बाहर हैं तो धूप और गर्मी बेहाल कर देगी। यदि घर के अंदर हैं तो बेतहाशा बिजली कटौती आपको सुकून से नहीं रहने देगी। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 43 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। 9 मई से 15 मई के बीच अधिकतम तापमान छह तो न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है।
11 मई से सूरज ने अपना तेवर बदलना शुरू किया और अब दो दिनों से अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। सुबह की पहली किरन से शुरू होने वाली गर्मी सूरज डूबने के बाद भी बरकार रह रही है। दिन में तो यह आलम हो रहा है कि अगर किसी के पास जरूरी काम न हो तो वह घर के बाहर कदम नहीं रखना चाहता है। अगर सरकारी कार्यालय और स्कूल कॉलेज न खुलें तो कर्फ्यू जैसी स्थिति नजर आएगी। यहीं हाल बृहस्पतिवार को पूरे दिन रहा। गर्म हवा के साथ लू के थपेड़ों से लोग परेशान दिखे। वहीं, तेज धूप और लू की वजह से घर से बाहर न निकलने वाले बिजली कटते ही व्याकुल हो जा रहे हैं। आपूर्ति भंग होने के बाद यह निश्चित नहीं होता है कि कब बहाल होगी। मौसम विभाग के अनुसार अभी शुक्रवार तक यही हाल रहेगा। शनिवार से मौसम में बदलाव होने की उम्मीद है। इससे तापमान नीचे आएगा।
कब जाएगी बिजली पता नहीं
भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती और भी मुश्किल पैदा कर रही है। जबकि बिजली निगम के अधिकारियों का दावा है कि शहर में 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति की जाती है, लेकिन यह दावे हवा-हवाई हैं। शहर की बात करें तो बिजली जाने का कोई समय नहीं है। शहर में एक दो घंटा पर बिजली कट रही है। शाम छह बजे से रात 10 बजे तक तो बिजली रहेगी या नहीं इसका भी कोई अंदाजा नहीं है। यदि देखा जाए तो मात्र 18 से 19 घंटे शहर में बिजली मिल रही है। यही हाल ग्रामीण क्षेत्र के का भी है। यहां 18 घंटे बिजली देने का दावा पूरी तरह से फेल नजर आता है। कारण कि ग्रामीण क्षेत्रों में थोड़ी भी हवा चली तो बिजली गुल हो जाती है। इन क्षेत्रों में बड़ी मुश्किल से 12 घंटे बिजली मिल पा रही है।
स्कूल की छुट्टी का समय कम करने की होगी मांग
स्कली बच्चों पर भीषण गर्मी में जाना और आना भारी पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में परिवर्तन तो कर दिया है, लेकिन स्कूलों की टाइमिंग साढ़े सात से 12.30 बजे तक है। सुबह में तो कुछ राहत रहती है, लेकिन जब दोपहर में होने वाली छुट्टी के बाद बच्चे वापस जाते हैं उनकी हालत खराब हो जा रही है। अभिभावक संघ के सचिव गोविंद दुबे ने कहा कि दोपहर की छुट्टी का समय और कम करने की मांग की जाएगी। ताकि गर्मी से छोटे बच्चे प्रभावित न हों।
भीड़ से हो रही गर्मी, पंखा चलने के बाद भी मरीज परेशान
मंडलीय जिला अस्पताल में हर दिन एक हजार से ज्यादा की ओपीडी रह रही है। मरीजों की बेतहाशा भीड़ से पंखा पूरे समय चलने के बाद भी गर्मी का अहसास कम नहीं हो रहा है। मरीज पसीने से तरबतर हो जा रहे हैं। जिला अस्पताल में बिजली कटने का असर देखने को नहीं मिलता है, क्योंकि आपूर्ति भंग होने के साथ जेनरेटर चालू हो जाता है फिर भी भारी भीड़ से गर्मी का अहसास कम नहीं हो पाता है।
तीखी धूप की वजह से सूख रहे हलक
सूरज की तपिश इतनी अधिक हो गई है कि शरीर कुछ सेकंड में ही गर्म हो जा रहा है। धूप तेज होने की वजह से लोगों का हलक सूख रहा था। शीतल पेय पदार्थों की दुकानों गला तर करने के लिए भीड़ लगी रही।
दिन- न्यूनतम और अधिकतम तापमान
09 मई- 23- 38
10 मई- 23- 38
11 मई- 29- 39
12 मई- 29- 41
13 मई- 27- 41
14 मई- 28- 43
15 मई- 28- 43
दो दिनोंं से मौसम काफी गर्म है। 16 मई तक तापमान इसी तरह रहेगा। 17 मई से मौसम में कुछ बदलाव होगा। इससे तापमान नीचे आएगा।-
अतुल कुमार सिंह, मौसम वैज्ञानिक राज्य मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ।