सठियांव। द किसान सहकारी चीनी मिल के संचालक मंडल की बैठक बुधवार को मिल के गेस्ट हाउस में हुई। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए 252.13 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया।
बताया गया कि किसानों के लिए किसान भवन की व्यवस्था की गई है, जहां अलाव और पेयजल की भी व्यवस्था होगी। किसानों को ठंड में परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। इस बार 10 फीसदी चीनी रिकवरी का लक्ष्य रखा गया है।
जिलाधिकारी एवं सभापति चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई प्रस्तावों पर प्रबंधन और संचालक सदस्यों के बीच जमकर बहस हुई। ठंड दिनों में किसानों को अपना गन्ना देने के लिए खुले आसमान के नीचे इंतजार करना पड़ता था।
पूर्व उपसभापति आनंद उपाध्याय के सवाल पर जीएम वीके अबरोल ने बताया कि किसान भवन की व्यवस्था की गई है, जिसमें अलाव और पानी की उत्तम व्यवस्था होगी। डायरेक्टर कैलाश पांडेय, आनंद उपाध्याय ने सवाल उठाया कि चालू सत्र के लिए रिकवरी लक्ष्य 10 प्रतिशत रखा गया है।
यहीं बीते पेराई सत्र में था तो रिकवरी 8.90 आई थी। इस बार लक्ष्य कैसे पूरा होगा के सवाल पर मुख्य गन्ना अधिकारी एसके श्रीवास ने बताया कि चालू वर्ष में गन्ने की क्वॉलिटी अच्छी है। ब्रेकडाउन के प्रश्न पर जीएम ने बताया कि समस्त गड़बड़ी दूर कर ली गई है।
सदस्य वीरेंद्र कुमार सिंह ने गन्ना किसानों को पेराई से पहले कैलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की। दयालपुर के डायरेक्टर अनिल कुमार ने ठेकमा और जिवली संयुक्त क्रय केंद्र को अलग करने की मांग उठाई।
जिलाधिकारी से सड़क चौड़ी करने और बैठक में भाग लेने वाले सदस्यों के यात्रा भत्ता का प्रस्ताव रखा गया। आजमगढ़-बलिया राज्यमार्ग पर चीनी मिल का बोर्ड लगवाने को कहा गया। संचालन जीएम वीके अबरोल ने किया। उपसभापति पराग यादव, मुख्य लेखाकार वीके सेठ्ठी, रवींद्र सिंह, विशाल माथुर, महेंद्र प्रसाद, आनंद उपाध्याय, विरेंद्र सिंह, रामअवध यादव, कैलाश पांडेय आदि उपस्थित थे।
16 से शुरू होगा पेराई सत्र
द किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड सठियांव में शासन के निर्देशानुसार 16 नंवबर से पेराई सत्र शुरू किया जाएगा। पेराई सत्र से तीन दिन पहले गन्ने की खरीद शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल मिल की तरफ से 45 केंद्र बनाएं जाएंगे। किसी केंद्र में बदलाव का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है।
पुरानी मिल का स्टोर बनेगा किसान भवन
गन्ना देने के लिए आने वाले किसानों के ठहरने के लिए किसान भवन बनाया गया है। इसके लिए पुरानी मिल के स्टोर को रिपेयर कर तैयार किया गया है। यहां ठंड से बचने के लिए अलाव और पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
16 नवंबर से पेराई सत्र शुरू करने और गन्ना मूल्य का भुगतान समय से करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों के बैंक खाते अवश्य खुलवाने, मिल परिसर में बने सीसी रोड की गुणवत्ता मानक के अनुरूप न होने की शिकायत पर जांच टेक्निकल कमेटी से कराने और सठियांव से मिल के तरफ आने वाली सड़क के चौड़ीकरण के लिए निर्माण विभाग तथा जाम की समस्या से निजात के लिए एसपी को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मिल में उत्पादित प्रेसमड को खाद के रूप में प्रयोग के लिए पात्र कृषकों को रियायती दर पर एक पालिसी के तहत दिया जाएगा।
चंद्र भूषण सिंह, जिलाधिकारी