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Azamgarh: श्रेया को न्याय दिलाने के लिए छात्रों ने किया हंगामा, प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी

Wed, 09 Aug 2023 05:27 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

आजमगढ़ में प्रिंसिपल की सजा से आहत कक्षा 11वीं की छात्रा के तीसरी मंजिल से कूदकर जान देने के मामले में लोगों का गुस्सा बरकरार है। बुधवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन कर 11वीं की छात्रा श्रेया को न्याय दिलाने की मांग की। 
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छात्रों के हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आजमगढ़ जिले में अभिभावक महासंघ के आह्वान पर बुधवार को अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। सिधारी थाना क्षेत्र के तिवारीपुर में महादेवी इंटर कॉलेज के गेट पर सुबह स्कूल खुलने के समय विद्यार्थियों ने छात्रा के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर हंगामा किया। निजी स्कूलों के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर सीओ सिटी गौरव शर्मा मौके पर पहुंचे और बच्चों को समझाकर बुझाकर शांत कराया।

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चिल्ड्रेन गर्ल्स कॉलेज में छात्रा की आत्महत्या मामले में गिरफ्तारी होने के विरोध में मंगलवार को निजी विद्यालय बंद रखे गए थे। उधर, छात्रा को न्याय दिलाने और निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए बुधवार को अभिभावक महासंघ ने बच्चों को विद्यालय न भेजने की अपील की थी। अपील के मद्देनजर कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजा।

सिधारी क्षेत्र में अभिभावक महासंघ की अपील का असर देखने को मिला। तिवारीपुर स्थित महादेवी इंटर कालेज के खुलने के समय छात्र जमा हो गए और छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। उन्होंने बच्चों को लेकर विद्यालय जा रही स्कूली बसों को भी रोका। छात्रों की भीड़ में कई अन्य कॉलेजों के छात्र भी शामिल थे। सूचना मिलते ही सीओ सिटी गौरव शर्मा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने छात्रों को सड़क से हटाकर आवागमन बहाल कराया। घंटों मशक्कत के बाद सीओ सिटी विद्यार्थियों को समझा-बुझाकर शांत कराने में कामयाब हुए।

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महासंघ ने डीएम के जरिए सीएम को भेजा ज्ञापन

अभिभावक महासंघ के पदाधिकारी सचिव गोविंद दुबे के नेतृत्व में बुधवार को डीएम कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। मांग की कि निजी विद्यालयों ने आठ अगस्त को अवकाश घोषित कर दिया, इसके लिए कार्रवाई की जाए। जनपद में संचालित सभी निजी विद्यालय सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के अनुसार चैरिटेबुल ट्रस्ट के रूप में निबंधित हैं। ट्रस्ट का उद्देश्य लाभ अर्जित करना नहीं है।
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निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के नियमों के तहत विद्यालय प्रबंधक द्वारा स्व घोषणा की गई है कि विद्यालय किसी व्यक्ति अथवा समूह या संगठन के लाभ या किन्हीं व्यक्ति के लाभ के लिए संचालित नहीं है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद इन्हीं शर्तों पर संबद्धता प्रदान करता है। प्रशासनिक हस्तक्षेप के अभाव में यह विद्यालय अपने खर्चे से अधिक आय अर्जित करते हैं। उन्होंने टीम गठित कर जांच कराने की मांग की। 
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