अभिभावक महासंघ के पदाधिकारी सचिव गोविंद दुबे के नेतृत्व में बुधवार को डीएम कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। मांग की कि निजी विद्यालयों ने आठ अगस्त को अवकाश घोषित कर दिया, इसके लिए कार्रवाई की जाए। जनपद में संचालित सभी निजी विद्यालय सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के अनुसार चैरिटेबुल ट्रस्ट के रूप में निबंधित हैं। ट्रस्ट का उद्देश्य लाभ अर्जित करना नहीं है।
निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के नियमों के तहत विद्यालय प्रबंधक द्वारा स्व घोषणा की गई है कि विद्यालय किसी व्यक्ति अथवा समूह या संगठन के लाभ या किन्हीं व्यक्ति के लाभ के लिए संचालित नहीं है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद इन्हीं शर्तों पर संबद्धता प्रदान करता है। प्रशासनिक हस्तक्षेप के अभाव में यह विद्यालय अपने खर्चे से अधिक आय अर्जित करते हैं। उन्होंने टीम गठित कर जांच कराने की मांग की।