बरदह क्षेत्र में गेहूं की कटाई करती कंबाइन मशीन। संवाद
- फोटो : परशदेपुर क्षेत्र में तेज हवा और बारिस के साथ ओले गिरने से भीगी गेहूं की फसल को देखता किसान।
आजमगढ़। जिले में मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग की ओर से आंधी और पानी का यलो अलर्ट जारी किए जाने के बाद से ही किसान सतर्क हो गए हैं। हालांकि, अभी तक जिले में बारिश नहीं हुई है, लेकिन शनिवार की रात चली तेज हवाओं और अलसुबह आसमान में छाए काले बादलों ने किसानों को डरा दिया है।
रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं इस समय कटाई के दौर में है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता के कारण यह कार्य प्रभावित हो रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि जिले में अब तक केवल 25 से 35 प्रतिशत गेहूं की कटाई ही पूरी हो पाई है, जबकि बड़ी मात्रा में फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। ऐसे में तेज हवाएं और संभावित बारिश किसानों के लिए खतरे की घंटी साबित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि यदि इस समय बारिश हो जाती है या तेज हवाएं जारी रहती हैं, तो खड़ी फसल गिर सकती है। इससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। इसके अलावा कटाई के बाद खेतों में पड़ी फसल भी भीगने से खराब हो सकती है। मौसम के इस रुख को देखकर किसान जल्दी कटाई कराने में जुट गए हैं, लेकिन संसाधनों और मजदूरों की कमी भी उनके सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है, ऐसे में किसानों को सतर्क रहने और जल्द से जल्द फसल सुरक्षित करने की जरूरत है।
दिन में निकली चटख धूप
रात में बदले मौसम ने किसानों को डरा दिया था। रविवार की सुबह काले बादल छाए रहे और तेज हवा चलती रही। करीब आठ बजे के बाद मौसम में फिर बदलाव हुआ और धूप निकल आई। इसके बाद किसान खेतों की तरफ निकले और गेहूं की कटाई और मंड़ाई में जुट गए। ऐसे में एक सप्ताह अगर लगातार मौसम खुला रहा तो गेहूं की कटाई पूरी हो पाएगी।
पूरे प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ छाया हुआ है। इसका असर खासकर पश्चिमी क्षेत्र में ज्यादा है। अभी दो दिन मौसम ऐसे ही बना रह सकता है। इस दौरान 40 से 50 किमी की तेज गति से हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। अतुल कुमार सिंह, प्रभारी राज्य मौसम विभाग।