आजमगढ़। जनपद को ओवरहेड तारों के मकड़जाल से मुक्ति दिलाने के लिए बिछाई गई अंडर ग्राउंड व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है। लेकिन अब यही व्यवस्था बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। सड़कों तक बिखरे तार और खुले चैंबर बरसात के मौसम में खतरे को बढ़ा रहे हैं। वहीं विभागीय अधिकारी सबकुछ जानते हुए भी मौन साधे हैं।
नगर के जर्जर हो चुके विद्युत तारों और इसके मकड़जाल से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए सपा शासन काल में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने का कार्य शुरू हुआ। जब केबिल बिछाने का कार्य शुरू हुआ तो इसके मानक विहीन होने की कई बार शिकायत की गई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिसका परिणाम हुआ कि केबिल बिछाने के लिए जिस कंपनी को टेंडर दिया गया था उसने जैसे-तैसे अपना कार्य पूरा किया और चलती बनी। आज हालात यह हैं कि नगर क्षेत्र के लगभग 80 प्रतिशत मुहल्लों की अंडर ग्राउंड व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी है। शहर में कनेक्शन देने के लिए बनाए गए लगभग 50 प्रतिशत चैंबर उखड़ चुके हैं। जो चैंबर बचे हैं उनके ढक्कन तक गायब हो चुके हैं। सड़कों पर जगह-जगह बिछाई गई केबिल सड़कों के किनारे पड़ी दुर्घटना को दावत दे रही है। वहीं किस अंडर ग्राउंड केबिल में बिजली है और किसमें नहीं यह कोई नहीं जानता है। नगर के आराजीबाग मुहल्ले में डा. जावेद के सामने लगे ट्रांसफार्मर का तार नीचे तक लटका हुआ है। अगर गलती से कोई इससे छू गया तो उसकी जान जानी तय है। वहीं सबकुछ जानते हुए भी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौन साधे हुए हैं। ऐसा लगता है कि विभाग के लोगों को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
लोगों को समुचित बिजली आपूर्ति कराना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है। अगर जनपद में बिछाई गई अंडर ग्राउंड केबिल मानक के विपरीत है तो दोषी संस्था के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन अगर यह मानक के अनुसार है तो संस्था को पांच साल तक इसकी मरम्मत करनी चाहिए। क्योंकि यह निविदा के दौरान ही शर्त होती है।
प्रवीन सिंह, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस।
हमारी सरकार ने जनता के हित में इस योजना को शुरू किया था। लेकिन अगर इसमें कोई गड़बड़ी है तो सरकार को केबिल बिछाने वाली कंपनी को तलब करना चाहिए। जांच में अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो उक्त कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। क्योंकि यह जनता के हित का सवाल है। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
हवलदार यादव, निवर्तमान सपा जिलाध्यक्ष।
मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। लेकिन जल्द ही मैं बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी समीक्षा करूंगा। अगर कोई इसमें दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजेश कुमार, डीएम।