आजमगढ़। जनपद में तीन जोन का एसटीपी निर्माण जमीन के फेर में अटका है। नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराने में नाकाम प्रशासन ने अब एसटीपी के लिए प्राइवेट और चरागाह की भूमि खोजी है। पटखौली पंपिंग स्टेशन के पास एक जोन की एसटीपी के लिए 0.2 हेक्टेयर भूमि खरादने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वहीं, कोट किला में लगभग एक हेक्टेयर चरागाह की भूमि तलाशी है। इस भूमि के श्रेणी परिवर्तन के लिए जल निगम ने शासन को प्रस्ताव भेजा है।
तमसा में गिरने वाले नालों को रोकने के लिए जल निगम की ओर से शहर में तीन स्थानों पर एसटीपी के निर्माण को प्रस्तावित किया था। इसमें जिला प्रशासन की ओर से पटखौली स्थित पंपिंग स्टेशन के पास जल निगम को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई थी। जल निगम की ओर से इस पर आठ एमएलडी के एसटीपी का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया। शासन की ओर से लगभग 43 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए पहली किस्त भी जारी की गई थी। जल निगम ने टेंडर भी आमंत्रित कर लिया था। कुछ माह पहले प्रमुख सचिव ने ये कहते हुए टेंडर निरस्त कर दिया था कि एसटीपी के लिए जमीन मानक से कम है। पूरी जमीन होने के बाद ही फिर से प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके बाद से जल निगम की ओर से फिर से तीनों एसटीपी के लिए जिला प्रशासन की ओर से भूमि की मांग की जा रही थी। जिला प्रशासन की ओर से अब भूमि तलाश कर ली गई है।
पटखौली एसटीपी के लिए खरीदी जाएगी जमीन
पटखौली पंपिंग स्टेशन के पास जल निगम को एसटीपी के लिए 0.2 हेक्टेयर और भूमि की आवश्यकता थी। आसपास स्थित सरकारी भूमि दूसरे को पट्टे के लिए आवंटित थी। इस पर लोगों ने निर्माण भी कर लिया था। इस कारण पास में एक किसान की प्राइवेट भूमि चिह्नित की गई है। सर्किल रेट के हिसाह से लगभग 1.73 करोड़ की भूमि का चार गुनी धनराशि 6.92 करोड़ रुपये किसान को अदा करने होंगे। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी के बाद भूमि खरीदी जाएगी।
एसटीपी के लिए चारागाह की भूमि का होगा श्रेणी परिवर्तन
शहर में दो अन्य एसटीपी को एक ही स्थान पर बनाने का निर्णय लिया गया। लगभग 12 एमएलडी की एसटीपी के लिए कोट किला क्षेत्र में लगभग एक हेक्टेयर भूमि तलाशी गई है। पेच ये है कि भूमि चरागाह की है। इसलिए शासन को इस भूमि के श्रेणी परिवर्तन के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। एक्सईएन जल निगम रणविजय सिंह ने बताया कि यदि शासन की ओर से श्रेणी परिवर्तन कर दिया जाता है तो जल निगम की ओर से यहां के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
शहर में बनने वाली एसटीपी के लिए जमीन तलाश ली गई है। जल निगम की ओर से इसका प्रस्ताव भी प्रमुख सचिव को भेज दिया गया है। प्रस्ताव पर शासन की मुहर लगने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। - एनपी सिंह, जिलाधिकारी