यूपी कॉप पर दर्ज एफआईआर के मुताबिक उपनिरीक्षक परमात्मा यादव ने निजामाबाद थाने में तहरीर दी और बताया कि वह चार नवंबर को अपनी टीम के साथ नंदनगर बाजार में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग में लगे थे। तभी थाना से सूचना मिली कि गंधुवई गांव में बवाल हो रहा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि गांव के दोनों ओर से लगातार पत्थर चल रहे थे।
जब पुलिस ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया, तभी उपद्रवियों ने पुलिस टीम और डायल-112 की गाड़ियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिसकर्मी जान बचाते हुए भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे। इस दौरान उपनिरीक्षक परमात्मा यादव, हेड कांस्टेबल लच्छीराम राजभर, कांस्टेबल संजीव कुमार शर्मा, रवि मौर्य और अमित यादव घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष निजामाबाद हीरेंद्र प्रताप सिंह अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन उपद्रवी लगातार पत्थर चलाते रहे। लगभग दो घंटे तक सुबह छह से आठ बजे तक गंधुवई फरिहा कप्तानगंज लिंक मार्ग जाम रहा।
उपनिरीक्षक परमात्मा यादव की तहरीर पर पुलिस ने उपद्रव में शामिल असलम, गोलू, आतिल, नौशाद, महबूब, गफ्फार, अरशद, शाहिद, इसरायल, साधू, अनवर, मिस्टर, रहमान, टिल्लू, शाहिद, जाहिद, सलमान, इल्ताफ व अलाऊ सहित 10–15 अज्ञात लोग शामिल रहे। पुलिस ने सभी पर सड़क जाम और जानलेवा हमले के आरोप में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने इस मामले में गंधुवई गांव निवासी अनवर, रहमान, मिस्टर, साधू व टिल्लू को गिरफ्तार कर लिया।
गंधुवई गांव में दो गुटों के बीच ईंट-पत्थर चल रहे थे। पुलिस के सामने ही वह ईंट-पत्थर चला रहे थे। मामले में कई आरोपियों को चिह्नित कर नामजद मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई की जा रही है। जहां तक रही बात मुकदमे में पुलिस पर मारपीट करने की तो हो सकता है वह टाइपिंग मिस्टेक हो गया हो। पुलिस पर किसी भी प्रकार का पथराव नहीं हुआ है। - मधुबन कुमार सिंह, एसपी सिटी आजमगढ़।