आजमगढ़। वैश्विक बीमारी कोरोना का डर भले ही लोगों से दूर हो चुका है, लेकिन अभी भी जिले में प्रतिदिन एक के औसत से कोरोना मरीज मिल रहे है। यह अलग बात है कि प्रतिदिन नहीं बल्कि कभी-कभार ही कोरोना के मरीज सामने आ रहे है। वर्तमान में जिले में 21 एक्टिव केस है और सभी होम आइसोलेट है।
बीते एक माह से कोरोना के मरीजों के मिलने पर ब्रेक सा लग गया है। ऐसा अपने जिले ही नहीं बल्कि पूरे देश में है। नए मरीजों के मिलने में जहां कमी आई है तो वहीं शासन-प्रशासन भी सबकुछ फूल अनलॉक करने की कवायद मे जुटी है। बाजारों में तो तीन माह पूर्व ही स्थिति सामान्य हो चुकी है। भीड़ सामान्य दिनों की भांति सड़कों पर नजर आ रही है तो वहीं मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग जैसे लोग भूल चुके है। सरकार भले ही बार-बार सामाजिक दूरी बनाए रखने, मास्क का प्रयोग करने व हाथो को धोते रहने की सलाह दे रही है लेकिन इसे मानने वाला अब कोई नजर नहीं आ रहा है। बीते एक पखवारे की बात की जाए तो एक फरवरी को जहां मात्र एक पॉजिटिव मरीज मिला था तो वहीं दो को आठ नए मरीज सामने आए थे। तीन को एक तो चार को कोई नया मरीज नहीं मिला था। पांच को पुन: पांच नए मरीज मिले। छह फरवरी को नए मरीज मिलने का आकड़ा शून्य पर पहुंच गया तो सात को एक नया मरीज मिला गया। इसके बाद से 15 फरवरी तक जिले में एक भी नया कोरोना पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि जिले में कोरोना मरीजों के मिलने के क्रम पर ब्रेक तो लग गया है, लेकिन अभी बच-बचा कर रहना जरूरी है। हाथो को बार-बार धोए, मास्क लगा व सामाजिक दूरी बनाए रखे। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले में कुल 21 एक्टिवेट केस है और सभी होम आइसोलेट है।
जिले में 6006 हो चुका है पॉजिटिव का आकड़ा
आजमगढ़। स्वास्थ्य महकमे के प्रतिदिन जारी होने वाले आकड़ों के अनुसार जिले में अब तक मिले कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 6006 हो चुकी है। जिसमें 110 से अधिक की मौत हो चुकी है तो वहीं 5889 पूरी तरह से ठीक हो चुके है। कुल 21 एक्टिवेट केस है, जो होम आइसोलेशन में है।
बंद हो चुके है एल वन व टू अस्पताल
आजमगढ़। जब कोरोना काल अपने चरम पर था तो जिले में कोरोना अस्पतालों के रूप में कई अस्पताल चिन्हित हुए थे। लेवल वन स्तर के आधा दर्जन अस्पताल बनाए गए थे तो लेवल टू के रुप में 100 शैय्या अस्पताल अतरौलिया चिन्हित था। वहीं एल थ्री के रुप में राजकीय मेडिकल कालेज को चिन्हित किया गया था। अब जैसे-जैसे कोरोना का संक्रमण उतार पर है तो शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य महकमे ने भी एल व व टू अस्पतालों को बंद कर दिया है। सिर्फ मेडिकल कालेज में ही अब कोविड अस्पताल रह गया है। उसे भी अब सीमित कर दिया गया है।