सीअीओ के समक्ष बयान देने पहुंचे जहानागंज के सभासद। श्रोत-स्वयं
आजमगढ़। नगर पंचायत जहानागंज में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) की कटौती में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि कर्मचारियों के वेतन से राशि काटने के बावजूद उनके खातों में जमा नहीं की गई। सभासदों की शिकायत पर गठित टीम के सदस्य मुख्य कोषाधिकारी ने मंगलवार को सभासदों को बुलाकर उनका बयान दर्ज किया।
जहानागंज नगर पंचायत के सभासदों नजरे आलम, रेसालत जहां, शिवचंद्र राम आदि ने बताया कि नगर पंचायत जहानागंज में 80 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की आपूर्ति का ठेका चंद्रा कंस्ट्रक्शन एंड जनरल सप्लायर्स को दिया गया था।
इन कर्मचारियों के मानदेय से नियमित रूप से कर्मचारी भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा की कटौती की जाती रही। हालांकि, यह राशि संबंधित खातों में जमा नहीं कराई गई। शिकायत में कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा एजेंसी को हर माह भुगतान किया गया। इसके बावजूद कर्मचारियों का ईपीएफ जमा नहीं हुआ। विशेष रूप से, जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक किसी भी कर्मचारी का ईपीएफ जमा न होने का आरोप है। यह लाखों रुपये के कथित गबन का मामला है। इसकी शिकायत मंडलायुक्त और मुख्य राजस्व अधिकारी से की गई थी। सीआरओ ने एसडीएम सदर के नेतृत्व में दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी की ओर से आज सीटीओ ने हमें बुलाया था। हमने पहुंचकर अपना बयान दर्ज करा दिया है।