आजमगढ़। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसी क्रम में सरकार ने कोटे की दुकान का आवंटन समूह की महिलाओं को करने का निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के बाद अब इसका लाभ लेने के लिए लोग गलत तरीके से समूह का गठन कर लाभ लेने की फिराक में जुटे हैं।
एक ऐसा ही मामला सदर तहसील के गंभीरवन गांव में सामने आया। गंभीरवन गांव के कोटे की दुकान का अनुबंध निरस्त हो चुका है। सरकार के निर्देश पर यहां की दुकान का आवंटन समूह के किसी महिला को किया जाना है। गांव के ही एक व्यक्ति ने शिकायत की है कि कोटे की दुकान का आवंटन लेने के लिए गलत तरीके से गांव में समूह का गठन किया गया है। जांच के दौरान सीडीओ ने पाया कि समूह का गठन गलत तरीके से हुआ है क्योंकि इसमें ऐसी महिलाएं शामिल हैं जो संपन्न घरों से हैं। जबकि स्वयं सहायता समूह में ऐसी महिलाएं ही शामिल हो सकती हैं जो जरूरतमंद हों और गरीब हों। सीडीओ ने तत्काल समूह को बर्खास्त कर दिया और डीसी एनआरएलएम को आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि गांव के दो समूह इस कोटे की दुकान को लेने के लिए लगे हुए हैं। लेकिन एक गठन गलत तरीके से हुआ है और दूसरा काफी दिनों से निष्क्रिय चल रहा है। लेकिन कोटे की दुकान के आवंटन के लिए उस समूह के लोग भी एक्टिव हो गए हैं। गलत तरीके से बने समूह को तो मेरे द्वारा बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही डीसी एनआरएलएम को दूसरे निष्क्रिय समूह को भी बर्खास्त करने का निर्देश दिया गया है।