नगर के वेस्ली इंटर कालेज में राष्ट्रीय साहित्य कला संस्थान द्वारा आयोजित रंगमहोत्सव की दूसरी शाम रविवार को सुप्रसिद्ध व्यवसाई स्व. दीपचंद रूंगटा के नाम रही। विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से सभी का मन मोह लिया। नृत्य नाटिका में ओडिशा के कलाकारों ने आम कलाकार के संघर्ष की व्यथा को मंच पर जीवंत किया।
दूसरे दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त आरपी गोस्वामी, शिवकुमार रूंगटा और पालिकाध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल ने किया। राष्ट्रगान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। न्यू कला केंद्र के बच्चों ने सरस्वती वंदना की मनमोहक प्रस्तुति की। तृष्णा ग्रुप खैरागढ़ छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति से सभी को रोमांचित किया।
उप शास्त्रीय समूह नृत्य की प्रस्तुति उड़ीसा प्रतिभा पूजा संसद कटक ओडिशा ने किया। कार्यक्रम में सारस्वत संगीत कला एकेडमी जाजपुर ओडिशा के कलाकारों द्वारा 'अपरिचित कलाकार' का मंचन किया गया। नाटक में कलाकारों ने आम कलाकार की व्यथा को बहुत ही सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया कि वह किस प्रकार रंग कर्म को आगे बढ़ाता है।
दुनिया उसकी कला को देखती है, सराहती है लेकिन जब पहचान देने की बारी आई तो लोग उसे भूल गए। उत्कल संगीत समिति कटक ओडिशा की शीतल शिवांगी ने शास्त्रीय संगीत पेश किया। महोत्सव की दूसरी शाम को भुवनचंद्र पाल के निर्देशन में रघुनाथ क्लब बालेश्वर ओडिशा के कलाकारों ने 'गांधी बैठु अटी कवर टाला' का मंचन किया गया।
नाटक में कलाकारों ने गांधी जी के जीवन वृत्त का मंचन किया। महोत्सव में कलाकार गौरी शंकर सिंह का सारस्वत सम्मान किया गया। इस मौके पर नवीन सिंह, अशोक श्रीवास्तव, राजेंद्र यादव, रमाकांत वर्मा, अवधराज यादव, डा. पीयूष सिंह, वैभव वर्मा, ब्रजेंद्र पांडेय, मनोज यादव, हेमंत श्रीवास्तव, राकेश, शरद गुप्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया।