आजमगढ़। जिले के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों में हुई फर्जी नियुक्तियों, अनियमित वेतन भुगतान और नियम विरुद्ध कार्य करने की जांच अब स्टेट स्पेशल जांच टीम (एसएसआईटी) करेगी। इसे लेकर शिक्षा निदेशक माध्यमिक लखनऊ ने आजमगढ़ और बलिया समेत चार जनपद के डीआईओएस को पत्र जारी कर अनियमित वेतन भुगतान और नियमों के विरुद्ध कार्य करने की अनियमिताओं की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि उक्त नियुक्तियों का मामला कब से कब तक है इसे लेकर उहापोह की स्थिति बनी है।
आजमगढ़ में फर्जी नियुक्तियोंं का खेल काफी पुराना है। हालही में वर्तमान डीआईओएस पर 20 से अधिक माध्यमिक विद्यालयों मेंं रिक्त सहायक लिपिक पदों पर नियुक्ति किए जाने, प्रत्येक अभ्यर्थियों से 30 लाख रुपये वसूली करने का भी आरोप लगा था। साथ ही मामले की जांच करने की मांग की गई थी। हालांकि अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद इस नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। वहीं, अब आजमगढ़ व बलिया में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों एवं संस्कृत विद्यालयों के फर्जी नियुक्तियों में हुए अनियमित वेतन भुगतान व नियमों के विरुद्ध कार्य करने की अनियमिताओं की जांच एसएसआईटी को सौंपी गई है। इसे लेकर शिक्षा निदेशक माध्यमिक उप्र. लखनऊ ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ को पत्र जारी कर डीआईओएस के साथ एक बैठक में शामिल होने के लिए निर्देश दिए थे।
उक्त बैठक में आजमगढ़ व वाराणसी व आयोध्या मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक व बलिया, आजमगढ़, जौनपुर व अयोध्या के डीआईओएस को भी बैठक में शामिल होने के लिए निर्देश दिया गया था। उक्त बैठक में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों एवं संस्कृत विद्यालयों के फर्जी नियुक्तियों में हुए अनियमित वेतन भुगतान व नियमों के विरुद्ध कार्य करने की अनियमिताओं की आख्या व सूचना उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। आजमगढ़ के संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह व आजमगढ़ डीआईओएस उपेंद्र कुमार इस बैठक में शामिल हुए।
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों एवं संस्कृत विद्यालयों के फर्जी नियुक्तियों व वेतन भुगतान का मामला है। 27 फरवरी को हुई बैठक में शामिल तो हुए थे, लेकिन यह किस वर्ष से किस वर्ष तक का मामला है ये अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। इसकी जानकारी मांगी गई है, ताकि जांच कर आख्या उपलब्ध कराई जा सके।- उपेंद्र कुमार, डीआईओएस आजमगढ़।