आजमगढ़। मदरसा छात्रों का मदरसों में दर्ज और आधार में दर्ज नाम की अलग स्पेलिंग अपार आईडी बनाने में रोड़ा बन रही है। नाम की स्पेलिंग सही न होने के कारण अपार आईडी के लिए की जाने वाली प्रकिया सफल नहीं हो पा रही है। इससे छात्रों की अपार आईडी नहीं बन पा रही है। जिले में अब तक 10230 मदरसा छात्रों की ही अपार आई बन पाई है।
सरकार की ओर से छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों, प्रगति और अन्य अभिलेखों ऑनलाइन एक स्थान पर सुरक्षित किए जाने के उद्देश्य से अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी की व्यवस्था दी गई है। अपार आईडी बनाए जाने की जिम्मेदारी सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सौंपी गई है। जनपद में 387 मदरसे संचालित हैं। यू डायस के आंकड़ों के अनुसार इसमें 32 हजार छात्र पढ़ते हैं। चालू शैक्षिक सत्र में अब बहुत कम ही समय बचा है। अभी तक 10,230 छात्रों की अपार आईडी बन पाई है। अन्य की इस सत्र में बनना संभव भी नहीं लग पा रहा है। अपार आईडी के लिए लिए जाने वाले पंजीकरण में छात्रों के नाम की स्पेलिंग रोड़ा बन रही है। सैकड़ों छात्रों का मदरसों में दर्ज नाम की स्पेलिंग में अंतर होने पर पंजीकरण सफल नहीं हो पा रहा है। इतना ही नहीं कई मदरसों में एक से लेकर 10 छात्रों की ही अपार आईडी बन पाई है। इसके पीछे मदरसा के प्रधानाध्यापकों की मनमानी सामने आ रही है। छात्रों की अपार आईडी बनवाने में वह रुचि नहीं ले रहे हैं, जबकि इसके लिए अल्पसंख्यक विभाग से कई बार मदरसा के प्रधानाध्यापकों पत्र भी भेजा जा चुका है।
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छात्रों की अपार आईडी बनाने के लिए सभी मदरसों को निर्देशित किया जा चुका है। कुछ मदरसों की प्रगति खराब है। इसके लिए उन्हें पत्र जारी कर जल्द से जल्द सभी छात्रों की अपार आईडी बनवाने को कहा गया है।
- वर्षा अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी